वाटर स्‍ट्राइक, वीजा रद्द और ऑपरेशन सिन्‍दूर...पहलगाम हमले के बाद 15 दिन में क्‍या-क्‍या हुआ, कैसे घुटने पर आया पाकिस्‍तान

Operation Sindoor: पहलगाम में आतंकी हमले के बाद 26 पर्यटकों की मौत का बदला लेने के लिए हर भारतीय का खून उबल रहा था। हर कोई चाहता था कि सरकार जल्‍द से जल्‍द बदला ले। 15 दिन के भीतर ही भारतीय सेना-सरकार ने पाकिस्‍तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है, लेकिन आखिर 15 दिन में सरकार ने क्‍या रणनीति बनाई, आइए जानते हैं पूरी टाइमलाइन:

Operation Sindoor: जम्‍मू-कश्‍मीर की बैसरन घाटी जिसे 'मिनी स्विटज़रलैंड' के नाम से भी जाना जाता है...22 अप्रैल, 2025 की दोपहर अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठी थी। इस दौरान कुछ आतंकियों ने मिलकर घाटी की खूबसूरती को पर्यटकों के खून से रंग दिया था। इस कायरतापूर्ण आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई तो वहीं, 16 लोग घायल भी हुए। घाटी में चीखते-चिल्‍लाते पर्यटक और उनके करुण क्रन्‍दन की तीक्ष्‍ण आवाजें गूंज रही थीं, लोग इधर-उधर भाग रहे थे ऐसे में उन सभी के चेहरे पर अपनों को खोने को दु:ख स्‍पष्‍ट दिखाई दे रहा था। इस घटना ने करोड़ों भारतीयों को झकझोर कर रख दिया था और पूरे देश में एक स्‍वर में 'प्रतिशोध' के स्‍वर उठ रहे थे। आज इस घटना को 15 दिन पूरे हो चुके हैं और मंगलवार देर रात रात तीनों सेनाओं ने मिलकर संयुक्‍त रूप से 'ऑपरेशन सिन्‍दूर' शुरू किया। भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आतंक के आकाओं और पाकिस्‍तान के नापाक मसूंबों को करारा जवाब दिया है। इस कार्रवाई में तीन मुख्य आतंकी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के ट्रेनिंग कैंप नेस्‍तनाबूत कर दिए गए हैं। यही नहीं भारतीय सेना ने शौर्य का परिचय देते हुए लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय भी तबाह कर दिया है। बता दें कि, रणनीतिक ढंग से शुरू किए गए 'ऑपरेशन सिन्‍दूर' को चरणबद्ध तरीके से तैयार किया गया है। पहलगाम हमले के 15 दिन बाद पाकिस्‍तान कैसे अपने घुटनों पर आया, कैसे उसकी कमर टूटी आइए जानते हैं सब कुछ:

ऑपरेशन सिन्‍दूर।

पहलगाम आतंकी हमला

तारीख थी, 22 अप्रैल 2025 और जम्मू-कश्मीर स्थित पहलगाम की बैसरन घाटी पर्यटकों से गुलज़ार थी। अचानक यहां आंतकियों की ओर से अंधाधुध गोलीबारी हुई और 26 पर्यटकों की मौत हो गई और इस हमले में 17 लोग घायल हुए। बताया गया कि, आतंकियों ने पहले पर्यटकों से उनका धर्म पूछा और उनमें से केवल हिन्‍दुओं को ही निशाना बनाया। घटना की जिम्‍मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली। इस पर भारत ने तुरंत पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया।

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