NDA vs INDIA: अब यूपी में क्या होगा? BJP करेगी वापसी या अखिलेश फिर करेंगे खेला; समझिए उपचुनाव का समीकरण

BJP vs Samajwadi Party: यूपी की 10 विधानसभा पर होने वाले उपचुनाव में क्या BJP को झटका लगेगा? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि सात राज्यों की 13 विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद भाजपा की टेंशन बढ़ गई है। अपको समझाते हैं कि सूबे रा समीकरण कितना बदला।

Uttar Pradesh Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत किस ओर करवट ले रही है, लोकसभा चुनाव 2024 के चौंकाने वाले नतीजों के बाद इसके बारे में कुछ भी अंदाजा लगा पाना बेहद मुश्किल हो गया है। बीते दिनों सात राज्यों की 13 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों में जिस कदर भाजपा को हार झेलनी पड़ी, उसके बाद यूपी की 10 सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर कयासों का दौर तेज हो चुका है। सवाल ये उठ रहे हैं कि क्या उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और पंजाब की तरह क्या यूपी में भी भाजपा को हार झेलनी पड़ सकती है?

NDA vs INDIA in Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश में क्या अखिलेश फिर भाजपा के साथ करेंगे खेला?

किन 10 विधानसभा सीटों पर होने हैं उपचुनाव?

सीटक्यों खाली हुई?पूर्वविजेता पार्टी
करहलअखिलेश यादव कन्नौज के सांसद बनेसमाजवादी पार्टी
मिल्कीपुरअवधेश प्रसाद अयोध्या के सांसद बनेसमाजवादी पार्टी
कटेहरीलालजी वर्मा अंबेडकर नगर के सांसद बनेसमाजवादी पार्टी
कुंदरकीजियाउर रहमान बर्क संभल के सांसद बनेसमाजवादी पार्टी
गाजियाबादअतुल गर्ग गाजियाबाद के सांसद बनेभारतीय जनता पार्टी
खैरअनूप प्रधान अलीगढ़ के सांसद बनेभारतीय जनता पार्टी
मीरापुरचंदन चौहान बिजनौर के सांसद बनेराष्ट्रीय लोकदल
फूलपुरप्रवीण पटेल फूलपुर के सांसद बनेभारतीय जनता पार्टी
मझवांविनोद कुमार बिंद भदोही से भाजपा सांसद बनेनिषाद पार्टी
सीसामऊहाजी इरफान सोलांकी को सजा हुईसमाजवादी पार्टी

आंकड़ों से समझिए कौन किस सीट पर ज्यादा मजबूत?

उत्तर प्रदेश की इन 10 सीटों के गुणा-गणित को समझें, तो भाजपा नीत NDA गठबंधन और विपक्षी गठबंधन INDIA दोनों बराबर और एक दूसरे को कड़ी टक्कर देते नजर आ रहे हैं। जिन 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनमें से 5 सीट पर अब तक अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी का कब्जा था, तो वहीं तीन पर भाजपा और एक-एक सीट पर आरएलडी और निषाद पार्टी के विधायक थे। ऐसे में यदि सबसे ताकतवर पार्टी का जिक्र किया जाए तो यदि सपा अपनी सीट बरकरार रखने में कामयाब हो जाती है तो वो इस उपचुनाव में सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाली पार्टी बन जाएगी। हालांकि लोकसभा चुनाव के नतीजों को देखकर ये समझा जा सकता है कि अखिलेश की पार्टी इस उपचुनाव में और मजबूती के साथ ताल ठोक सकती है।

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