NASA कैसे करता है स्पेस से लौटे एस्ट्रोनॉट्स की देखभाल? Apollo 11 से ISS मिशन तक की स्टडी से जानिए

स्पेस मिशन को पूरा कर जब एस्ट्रोनॉट्स वापस पृथ्वी पर लौटते हैं तो नासा के सामने सबसे बड़ी चुनौती रहती है, पृथ्वी को उन अज्ञात सूक्ष्मजीवों से बचाना, जो अंतरिक्ष यात्रियों के साथ पृथ्वी पर आ सकते हैं। हालांकि चंद्र मिशन से लेकर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक के मिशनों में नासा को अभी तक ऐसा कुछ नहीं मिला है, फिर भी हर एस्ट्रोनॉट के लिए स्पेस से आने के बाद आइसोलेशन की प्रक्रिया अनिवार्य है।

जब अंतरिक्ष यात्रियों का मिशन पूरा हो जाता है और वो पृथ्वी पर वापस लौटते हैं, तब NASA के वैज्ञानिक और चिकित्सा विशेषज्ञ उनकी देखभाल में जुट जाते हैं। यह प्रक्रिया बेहद सावधानीपूर्वक और वैज्ञानिक तरीके से की जाती है ताकि अंतरिक्ष में बिताए गए समय के दौरान शरीर पर पड़े प्रभावों का आकलन किया जा सके और उनकी सेहत को सामान्य ग्रेविटी में वापस लाने में मदद की जा सके। अंतरिक्ष से आने के बाद, सबसे पहले तो उनकी एक विशेष आइसोलेशन या क्वारंटीन प्रक्रिया शुरू होती है। जैसे अभी भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला आइसोलेशन में हैं, शुभांशु 18 दिन अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में बिताने के बाद धरती पर वापस लौटे हैं।

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अंतरिक्ष यात्रियों के साथ आइसोलेशन में क्या-क्या होता है (फोटो- NASA)

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