यूपी में चढ़ा सियासी पारा, राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव के लिए जोड़-तोड़ तेज, क्या हैं सियासी समीकरण, किसका पलड़ा भारी?

उत्तर प्रदेश में आगामी राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों में जोड़तोड़ और लामबंदी तेज हो गई है। राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर और विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा।

2027 के 'उत्तर प्रदेश महासंग्राम' से ठीक पहले लखनऊ के सियासी गलियारों में जोड़-तोड़ और रणनीतियों का पारा अचानक चढ़ गया है। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों और विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों के लिए होने वाले चुनावों ने राज्य की राजनीति में एक नई हलचल पैदा कर दी है। यह सिर्फ संसद के उच्च सदन या विधान परिषद में सीटें हासिल करने की जंग नहीं है, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के लिए अपनी-अपनी जमीनी और सांगठनिक ताकत दिखाने का सबसे बड़ा लिटमस टेस्ट भी है। विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों को देखें तो भाजपा नीत एनडीए (NDA) का पलड़ा साफ तौर पर भारी नजर आ रहा है। 403 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए के पास मजबूत संख्याबल होने के चलते वह राज्यसभा की 10 में से 8 सीटों पर सहज बढ़त बनाए हुए है, जबकि समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन के खाते में 2 सीटें जाती दिख रही हैं। जानते हैं सियासी समीकरण और जोड़तोड़ की राजनीति का पूरा खेल।

UP MLC Elections

यूपी में राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव के लिए लामबंदी तेज

राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों को लेकर लामबंदी तेज

उत्तर प्रदेश में आगामी राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों में जोड़तोड़ और लामबंदी तेज हो गई है। राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर और विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी ही अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने की स्थिति में हैं। ऐसे में दोनों दलों में उम्मीदवारों के चयन और रणनीति को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं।

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