Delhi: सिसोदिया के बाद AAP के 50 और नेता 'अंदर', बाहर इन मोर्चों पर बढ़ा केजरीवाल का संकट, समझें- क्या हैं डिप्टी-CM की गिरफ्तारी के मायने?

  • Produced by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Feb 27, 2023, 08:26 AM IST

Delhi Liquor Policy Case: दरअसल, दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने खत्म की जा चुकी आबकारी नीति 2021-22 को बनाने और लागू करने में कथित भ्रष्टाचार के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। बीजेपी ने इसे मुद्दा बनाया है और राष्ट्रीय राजधानी में इस बाबत विरोध प्रदर्शन करेगी।

Delhi Liquor Policy Case: आबकारी नीति के मामले में डिप्टी-सीएम मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि सिसोदिया के पास मौजूदा समय में शिक्षा, वित्त और गृह सहित कुल 18 विभाग हैं। साथ ही वह पार्टी में सीएम के सबसे खास, नजदीकी और मंझे हुए सियासी चेहरा माने जाते हैं। दिल्ली सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कुल 33 विभाग में से स्वास्थ्य, शिक्षा, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), सेवा, वित्त, बिजली, गृह और शहरी विकास सहित 18 मौजूदा डिप्टी-सीएम के पास हैं। वह बाकी विभागों के प्रभारी भी हैं, जो खास तौर पर किसी मंत्री को नहीं दिए गए हैं।

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल। (फाइल)

वैसे, देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी यानी कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से उन्हें अरेस्ट किए जाने से पहले पिछले साल जून में दिल्ली के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को भी गिरफ्तार (ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में) किया गया था। उनकी गैर-मौजूदगी के बाद सीएम के पास शहर में शासन के एजेंडे को लागू करने के लिए कोई फिलहाल कद्दावर फेस नहीं है। ऐसे में केजरीवाल के लिए फौरी तौर पर दिल्ली सरकार का बजट निर्धारित तरीके से पेश करने और सिसोदिया की जगह पर किसी नए नेता को खोजने सरीखे बड़े चैलेंज हैं। इस बीच, समाचार एजेंसी पीटीआई को आप सूत्रों ने बताया कि राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत अगले वित्त वर्ष के लिए दिल्ली सरकार का बजट पेश कर सकते हैं। आइए, जानते हैं कि सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद क्या कुछ हुआ?:

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