रूस पर यूक्रेन का ड्रोन हमला, जेलेंस्की के पीछे कौन? भारत के लिए भी है खास संदेश

एक्सपर्ट मान रहे हैं कि यूक्रेन के इस ड्रोन हमले का पुतिन की तरफ से जवाब दिया जाएगा। यह पलटवार इतना भारी हो सकता है कि शायद यह नाटो को भी घसीट ले। नाटो आएगा तो अमेरिका भी आएगा। फिर जंग का दायरा बढ़ जाएगा। यह बात रूस को भी पता है कि वह अकेले यूक्रेन और कुछ पश्चिमी देशों से तो टकरा और युद्ध लड़ सकता है लेकिन अकेले पूरे नाटो से लड़ना उसके लिए बहुत मुश्किल हो जाएगा।

Ukraine Drone Attack On Russia : बीते रविवार को यूक्रेन ने रूस के भीतर जिस तरह से ड्रोन हमला किया, उससे दुनिया दंग रह गई। सेक्युरिटी सर्विस ऑफ यूक्रेन (SBU) का दावा है कि उसने रूस के खिलाफ 'ऑपरेशन स्पाइडर वेब' लॉन्च किया और उसके एयरबेस पर हमले किए। इन हमलों में उसने रूस के 40 एयरकक्राफ्ट तबाह कर दिए। हलांकि, रूस ने अपने एयरबेस पर हमले की बात तो मानी है लेकिन उसके कितने लड़ाकू जहाज और बमवर्षक विमानों का नुकसान पहुंचा, इसकी संख्या नहीं बताई है। एसबीयू का दावा है कि उसके इस ड्रोन हमले में ए-50 सर्विलांस प्लेन, सुपरसोनिक टीयू-160, टीयू-22 बॉम्बर्स और टीयू-95 बमवर्षकों को नुकसान पहुंचा। रूस के ये स्ट्रेटेजिक एवं टैक्टिकल वेपन हैं जिन्हें परमाणु हथियार ले जाने के लिए विकसित किया गया है। जरूरत पड़ने पर इनमें क्रूज मिसाइलें भी लगाई जा सकती हैं। एसबीयू का कहना है कि इन हमलों में रूस को करीब 7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।

Zelensky Putin

रूस आने वाले दिनों में यूक्रेन पर कर सकता है बड़ा हमला।

यूक्रेन ने दिया रूस को संदेश

जाहिर है कि रूस भी अपने भीतर इतने बड़े ड्रोन हमले की उम्मीद नहीं की होगी। उस पर यह हमला ऐसे समय हुआ है जब इस्तांबुल में सीजफायर को लेकर वार्ता होनी थी। हालांकि, ड्रोन हमले के बाद इस्तांबुल में वार्ता हुई भी लेकिन यह असफल हो गई। यूक्रेन ने 30 दिनों के भीतर बिना शर्त सीजफायर की मांग रखी जिसे रूस ने खारिज कर दिया। इस हमले के बारे में एक्सपर्ट का कहना है कि यूक्रेन ने रूस को संदेश देने की कोशिश की है। संदेश यह है कि जरूरत पड़ी तो वह रूस के अंदरूनी इलाके में हमला कर सकता है। कोई भी जगह उससे अछूती नहीं है। इरकुत्स्क के बेलाया एयरबेस पर हमला कर उसने यही संदेश दिया है।

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