ISRO 29 मई को लॉन्च कर रहा सैटेलाइट NavIC, जानिए किस तरह देगा GPS को टक्कर

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated May 25, 2023, 09:30 AM IST

NVS-01 नाविक समूह के लिए तैयार की गई दूसरी पीढ़ी के उपग्रहों में से पहला है जिसे एडवांस सुविधाओं के साथ नाविक (NavIC) को और विकसित करने के लिए डिजाइन किया गया है।

What is NavIC: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) 29 मई को अंतरिक्ष में NVS-01 नेविगेशन (NavIC) उपग्रह को लॉन्च करेगा। ये भारतीय तारामंडल NavIC सीरीज के नेविगेशन का हिस्सा है। 2,232 किलोग्राम का उपग्रह (GSLV) श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में दूसरे लॉन्च पैड से जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल से उड़ान भरेगा। NVS-01 नाविक समूह के लिए तैयार की गई दूसरी पीढ़ी के उपग्रहों में से पहला है जिसे एडवांस सुविधाओं के साथ नाविक (NavIC) को और विकसित करने के लिए डिजाइन किया गया है।

क्या है नाविक?

आप एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए Google मैप या Apple मैप का इस्तेमाल तो करते ही होंगे। इसे ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) कहा जाता है, जो एक मुफ्त सेवा है। ये अमेरिकी सरकार द्वारा ऑर्बिट में उपग्रहों की एक श्रृंखला के जरिए प्रदान की जाती है। दरअसल, NavIC, GPS को भारत का जवाब है। NavIC इसरो द्वारा विकसित एक क्षेत्रीय नेविगेशन उपग्रह प्रणाली है जो कक्षा में सात उपग्रहों का एक समूह है, जो ग्राउंड स्टेशनों के साथ मिलकर काम करता है। ये नेटवर्क सामान्य उपयोगकर्ताओं और सामरिक उपयोगकर्ताओं यानी सशस्त्र बलों दोनों के लिए नौवहन सेवाएं प्रदान करता है।

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