Amit Shah met President of India: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को यहां राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की, इस दौरान अमित शाह से हाथ में लाल फाइल (Red File) थी। यह बैठक जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकवादी हमले (Pahalgam Terror Attack) के मद्देनजर हुई। इस हमले में 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे।
'Red File' के साथ राष्ट्रपति से मिले अमित शाह
राष्ट्रपति भवन ने बैठक की एक तस्वीर शेयर करते हुए 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।'
बता दें कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में गुस्से और आक्रोश की लहर है और हर कोई चाहता है कि इस बेहद भयानक घटना के बाद इसके जिम्मेदार लोगों पर ऐसी कार्रवाई हो कि जिसे उसकी 7 पुश्तें याद रखें।
गृह मंत्री शाह और विदेश मंत्री की राष्ट्रपति से मुलाकात के मायने लगाए जा रहे हैं
ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस जयशंकर की राष्ट्रपति से मुलाकात के मायने लगाए जा रहे हैं, कयास लगाए जा रहे हैं कि भारत कड़ी कार्रवाई कर सकता है, बता दें कि गुरूवार को बिहार में पीएम मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर उसे दिए एक संदेश में कहा, 'मैं बहुत स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं जिन्होंने ये हमला किया है, उन आतंकियों को और इस हमले की साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी...सजा मिलकर रहेगी।'
मंगलवार को पहलगाम के बैरसन में आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। इस हमले के बाद यह प्रधानमंत्री मोदी का पहला सार्वजनिक बयान है।
20 देशों के शीर्ष राजनयिकों को पहलगाम हमले और भारत के रुख के बारे में जानकारी दी
भारत ने गुरुवार को करीब 20 देशों के शीर्ष राजनयिकों को पहलगाम हमले और भारत के रुख के बारे में जानकारी दी, सूत्रों ने बताया कि इन देशों में अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, यूरोपीय संघ, इटली, कतर, जापान, चीन, जर्मनी, फ्रांस, इंडोनेशिया, मलेशिया, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात और नॉर्वे शामिल हैं।
CCS की बैठक में सरकार ने लिए थे कई कठोर निर्णय
कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों की हत्या के बाद भारत ने पंजाब में वाघा-अटारी सीमा पर चेक पोस्ट बंद करने और सार्क वीजा छूट योजना को रद्द करने का फैसला किया है, जिससे पाकिस्तानी नागरिकों के लिए प्रवेश के रास्ते बंद हो गए हैं। वैध प्रमाण-पत्र के साथ अटारी सीमा से प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी नागरिकों को वापस लौटने के लिए 1 मई तक का समय दिया गया है, जबकि एसवीईएस वीजा वाले लोगों को 48 घंटे से कम समय में वापस लौटना होगा।
पाकिस्तान ने भारत से सभी तरह के कारोबार पर लगाई रोक, बंद किया अपना 'एयरस्पेस'
पाकिस्तान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) की बैठक के बाद PAK ने कई बड़े फैसलों का ऐलान किया है। इसमें भारत के साथ व्यापार पर रोक, वाघा बार्डर को बंद करना, भारतीय विमानों के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल पर रोक का फैसला लिया है गौर हो कि पहलगाम अटैक के बाद पाकिस्तान की NSC की बैठक में फैसला लिया गया जिसके मुताबिक भारतीय उड़ानों के लिए पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है ,साथ ही भारत से सभी तरह के कारोबार पर रोक लगा दी है।
भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान न जाने की सलाह दी गई है
भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान की यात्रा करने से बचने की सख्त सलाह दी गई है वहीं फिलहाल पाकिस्तान में मौजूद भारतीय नागरिकों को भी जल्द से जल्द भारत लौटने की सलाह भी दी गई है।
