भारत-ब्रिटेन के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते की ABCD, जानें दोनों देशों के कारोबार में अब क्या बदल जाएगा

FTA भारत और ब्रिटेन को एक-दूसरे के बाजारों तक आसान पहुंच उपलब्ध कराएगा। टैरिफ की दरें बेहद कम या नगण्य होंगी। इससे व्यापार और कारोबार में कांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है। यह समझौता भारत और ब्रिटेन दोनों के हित में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे दोनों देशों के रिश्ते में ऐतिहासिक दिन बताया और कहा कि यह समझौता दोनों देशों के आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रशस्त मार्ग पेश करेगा।

India-Britain FTA: करीब तीन वर्षों की लंबी बातचीत के बाद भारत और ब्रिटेन 24 जुलाई को मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर कर दिए। यह समझौता ऐतिहासिक इसलिए माना जा रहा है कि यह अपने आप में एक तरह का अनूठा और टैरिफ, शुल्क जैसी व्यापार बाधाओं को काफी हद तक कम करने वाला है। FTA भारत और ब्रिटेन को एक-दूसरे के बाजारों तक आसान पहुंच उपलब्ध कराएगा। टैरिफ की दरें बेहद कम या नगण्य होंगी। इससे व्यापार और कारोबार में कांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है। यह समझौता भारत और ब्रिटेन दोनों के हित में है। लंदन में एफटीए पर हस्ताक्षर होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे दोनों देशों के रिश्ते में ऐतिहासिक दिन बताया और कहा कि यह समझौता दोनों देशों के आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रशस्त मार्ग पेश करेगा।

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भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ एफटीए। तस्वीर-टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल

काफी अहम है ब्रिटेन के साथ यह समझौता

ब्रिटेन के साथ यह समझौता ऐसे समय हुआ जब ट्रेड डील को लेकर अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ बातचीत चल रही है। खासकर, अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार समझौते पर सबकी नजरें टिकी हैं लेकिन यह समझौता अभी भी फंसा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार यह कह चुके हैं कि भारत के साथ जल्द ही व्यापार समझौते पर मुहर लगेगी क्योंकि दोनों देश इसके बेहद करीब है। रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका के साथ होने वाली व्यापार डील पर पेच टैरिफ पर नहीं बल्कि कृषि, डेयर उद्योग और जीएम फसलों पर फंसा है। अमेरिका इस सेक्टर में अपने उत्पादों की पहुंच चाहता है लेकिन भारत अपने इन क्षेत्रों को खोलने के लिए तैयार नहीं है। कारोबार के क्षेत्र आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक रूप से संवेदनशील हैं। ऐसे में ब्रिटेन के साथ व्यापार समझौता अमेरिका के लिए एक संकेत और संदेश दोनों है।

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