India Pakistan Conflict Timeline: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को एक बहुत बड़ा आतंकी हमला हुआ था। इसमें 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। उसके बाद पूरे देश में शोक का माहौल देखने को मिला। इसके बाद से भारत-पाकिस्तान के संबंधों और खराब स्तर पर पहुंच गए। भारत पाकिस्तान के विभाजन के बाद से ही दोनों देशों के बीच किसी न किसी विषय को लेकर संघर्ष चला आ रहा है। कभी कश्मीर को लेकर तो कभी किसी और मुद्दे को लेकर, यह संघर्ष खत्म ही नहीं हो रहा है। लेकिन पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान संभावित सैन्य टकराव के कगार पर खड़े हैं।
विभाजन से पहलगाम तक... भारत-पाकिस्तान संघर्ष की टाइमलाइन
भारत और पाकिस्तान दोनों ही परमाणु-सशस्त्र देश हैं। दोनों के बीच विभाजन के बाद से ही कश्मीर घाटी पर नियंत्रण के लिए संघर्ष चला आ रहा है। नियंत्रण रेखा को लेकर चला आ रहा यह संघर्ष कई बार खूनी संघर्ष में भी बदला है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद आए दिन सीमा पर गोलीबारी की गई। इसमें भारत ने पाकिस्तान पर पहले गोलीबारी करने का आरोप लगाया तो वहीं पाकिस्तान ने भारत पर पहले गोलीबारी करने का आरोप लगाया। सीमा पर गोलीबारी और संघर्ष विराम का उल्लंघन आज से नहीं हो रहा है, यह तो दशकों से चला आ रहा है। इस आरोप-प्रत्यारोप के बीच, भारत ने 7 मई को पाकिस्तान (4) और पीओके (5) में स्थित कुल 9 आतंकी ठिकानों पर हमला कर नेस्तनाबूद कर दिया।
1947 - विभाजन के बाद पहला भारत-पाक युद्ध
1947 में एक हिंदू बहुल देश भारत और एक मुस्लिम बहुल देश पाकिस्तान के रूप में विभाजन हुआ। विभाजन के बाद दोनों देशों के बीच कश्मीर एक अहम मुद्दा बन गया। कश्मीर रियासत के लिए दोनों देशों के बीच पहला युद्ध हुआ। 1948 में यह युद्ध समाप्त हुआ, लेकिन इस दौरान हजारों लोग इस युद्ध में मारे गए।
1949 - कश्मीर बना अहम मुद्दा
कश्मीर रियासत के लिए हुए पहले युद्ध के बाद मध्यस्थता (Mediation) से बनी युद्ध विराम रेखा के कारण कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच विभाजित हो गया। बता दें कि कश्मीर के लिए पाकिस्तानी सेना ने कबायलियों के साथ मिलकर हमला किया था। इस दौरान सेना ने जम्मू-कश्मीर के बड़े भू-भाग कब्जा कर लिया। पाकिस्तानी सेना को भारत से खदेड़ने के लिए भारतीय सेना ने अभियान चलाया। लेकिन इस बीच तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने युद्ध विराम की घोषणा की, जिसके बाद यहां युद्ध विराम रेखा बन गई और कश्मीर एक विवादित क्षेत्र बन गया। पाकिस्तान का कश्मीर के एक हिस्से पर आज भी कब्जा है। तब से आज तक पाकिस्तान और भारत के बीच कश्मीर को लेकर संघर्ष चला आ रहा है।
1965 - भारत-पाक के बीच दूसरा युद्ध
वर्ष 1965 में भारत-पाक में कश्मीर को लेकर दूसरा युद्ध हुआ। इस युद्ध के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका और सोवियत संघ द्वारा युद्ध विराम लगाया गया था। लेकिन युद्ध विराम से पहले ही हजारों लोग इस युद्ध में मारे गए। इसके बाद 1966 में उज्बेकिस्तान के ताशकंद में भारत-पाक युद्ध को समाप्त करने के लिए एक शांति संधि हुई। इस समझौते पर भारत के प्रधानमंत्री लाल बहादूर शास्त्री और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान द्वारा साइन किया गया था।
1971 - बांग्लादेश की स्वतंत्रता के लिए हुआ संघर्ष
पूर्वी पाकिस्तान (आज का बांग्लादेश) की स्वतंत्रता के लिए भारत और पाक के बीच 1977 में युद्ध हुआ था। भारत ने पूर्वी पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों से परेशान होने के बाद शुरू हुए स्वतंत्रता आंदोलन का समर्थन किया था। भारत-पाक के इस युद्ध में भारत की जीत हुई और पाकिस्तान से अलग होकर पूर्वी पाकिस्तान आज का बांग्लादेश बना।
1972 - युद्ध विराम रेखा का बदला नाम
भारत-पाक ने 1972 में एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत कश्मीर में युद्ध विराम रेखा का नाम बदला गया। इस रेखा का नाम नियंत्रण रेखा (LoC) किया गया। जिसके बाद एलओसी सैन्य चौकियों से भरा क्षेत्र बन गया है। यहां दोनों पक्षों ने भारी संख्या में सैनिकों की तैनाती की हुई है। यही कारण है कि ये क्षेत्र विश्व के सर्वाधिक सैन्यीकृत क्षेत्रों में से एक बन गया है।
1989 - अलगाववादियों का विद्रोह
वर्ष 1989 में कश्मीर घाटी में पाकिस्तान के समर्थन से अलगाववादियों ने भारतीय सुरक्षा बलों के खिलाफ विद्रोह शुरू किया था, जो एक खूनी संघर्ष में बदल गया। इस विद्रोह का मुख्य उद्देश्य कश्मीर को भारत के अलग करना था। इस विद्रोह में कश्मीर में अशांति का माहौल बना रहा और हजारों लोगों की जान गई।
1999 - कारगिल युद्ध
वर्ष 1999 को कोई कैसे भूल सकता है। जब पाकिस्तानी सैनिकों नियंत्रण रेखा पार कर भारत में घुसे और हिमालय की कई चोटियों पर अपना कब्जा बनाया और भारतीय सैनिकों पर हवाई बमबारी की। हिमालय की चोटियों पर अपना कब्जा वापस स्थापित करने के लिए और पाकिस्तानी सैनिकों को भारत से बाहर खदेड़ने के लिए कारगिल युद्ध हुआ। महीनों चले इस युद्ध में हजारों लोग मारे गए। एक समय ऐसा आया, जिसमें परमाणु हमले की आशंकाएं बढ़ने लगी। इस स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने युद्ध खत्म करने के लिए मध्यस्थता की।
2016 - सर्जिकल स्ट्राइक
वर्ष 2016 में आतंकवादियों ने कश्मीर के उरी में एक सैन्य शिविर पर हमला किया था। इस हमले में भारत के 19 सैनिकों शहीद हुए थे। इस हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सेना ने सितंबर 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक की थी।
2019 - बालाकोट एयर स्ट्राइक
जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर भारत-पाक के बीच तनाव देखने को मिला। यह तनाव पुलवामा में आतंकियों द्वारा सीआरपीएफ के काफिले पर हमले के बाद शुरू हुआ। 14 फरवरी 2019 में पुलवामा में आतंकवादियों ने सीआरपीएफ की काफिले को निशाना बनाकर एक वाहन से टक्कर मारी थी, जिसमें भारी मात्रा में विस्फोटक था। इस आत्मघाती हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हुए थे। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। इस कार्रवाई को 'ऑपरेशन बंदर' कहा गया था।
2025 - ऑपरेशन सिंदूर
विभाजन के इतने सालों बाद भी भारत-पाक के बीच तनाव और संघर्ष की स्थिति कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। एक बार फिर 22 अप्रैल को भारत-पाक के संबंध और निम्न स्तर पर पहुंच गए। बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने घूमने आए पर्यटकों को निशाना बनाया। पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर गोली मारी गई। इस हमले में आतंकवादियों ने 26 पर्यटकों को मौत के घाट उतारा। इस घटना के बाद भारत ने पाकिस्तान पर को हमले का जिम्मेदार ठहराया, लेकिन पाकिस्तान ने इस बात का खंडन करते हुए इस आरोप को नकार दिया। इसके बाद से भारत ने सिंधु जल संधि को रद्द करते हुए पानी रोक दिया। जिसके बाद पाक ने भारत के इस कदम को युद्ध का कार्य बताया।
22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद 7 मई को भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान और PoK के 9 ठिकानों पर हमला कर दिया। बता दें कि इस दौरान सेना ने पाकिस्तान के 4 और पीओके के 5 आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इस घटना के बाद आतंकी हमले में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों ने इसकी सराहना की। पूरे देश को मानों इसका ही इंतजार था।
