How to Deal with Violence against Women: देशभर से आए दिन महिलाओं पर हो रहे अत्याचार की खबरें सामने आती हैं। महिलाओं को अपनी गंदी नीयत और हैवानियत का शिकार बनाने वाले समाज के दुश्मनों की करतूत के चलते आज के दौर में बेटियां खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं। सड़कों पर बेटियों को छेड़ने वालों की हरकतों का दायरा आए दिन बढ़ता जाता है। नौबत यहां तक आ जाती है कि यदि वक्त रहते उन्हें नहीं रोका गया तो यहीं बदनीयत सोच वाले लोग हैवान बन जाते हैं। ऐसे में महिलाओं को अपनी सुरक्षा का खास ध्यान रखना होगा और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाना होगा।
महिला सुरक्षा पर जागरूकता मुहिम
छोटी सी भी बात को नहीं करिए नजरअंदाज
अक्सर बेटियों और महिलाओं के जेहन में डर पैदा हो जाता है। वो खुद को बेबस समझने लगती हैं और ये सोचती हैं कि यदि उन्होंने गलत करने वालों के खिलाफ कुछ भी बोला तो उसका दुष्प्रभाव पड़ सकता है। वो अपने घरवालों की इज्जत के लिए डरती हैं, वो इस बात से डरती हैं कि कहीं उनके खिलाफ गलत हरकत को अंजाम देने वाला और बुरे काम को अंजाम न दे दे। ऐसे में बेटियों को ये समझने की जरूरत है कि जब छोटी सी बात हो तो उन्हें हुंकार भरनी जाहिए, अपने हक और हुकूक के लिए आवाज बुलंद करनी चाहिए। एक छोटी सी गलती को नजरअंदाज करने पर सामने वाले की हिम्मत बढ़ जाती है।
गलत के खिलाफ एक कॉल से मिलती है मदद
जब कभी आप संकट में हैं, या कोई आपको परेशान कर रहा है, आप हिंसा या प्रताड़ना की शिकार हो रही है और आपके पास कॉल करने का संसाधन फोन या मोबाइल है। तो तुरंत खुद के साथ हो रहे अत्याचार की शिकायत- महिला हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके दर्ज कराएं। आपको अत्याचार से डरना नहीं चाहिए, बल्कि डर को डराकर अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए।
वुमेन हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत करें शिकायत
देशभर की राज्य सरकारों ने महिलाओं के लिए वुमेन हेल्पलाइन बना रखी है। राज्य पुलिस द्वारा महिलाओं के लिए ऐसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हर राज्य में महिला आयोग गठित है, जिसके जरिए कोई भी महिला अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। प्रदेश पुलिस की तरह राज्य महिला आयोग भी हेल्पलाइन नंबर जारी करता है। इसके साथ ही राष्ट्रीय महिला आयोग की वेबसाइट पर भी वुमेन हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध है। संकट में फंसी महिलाओं के लिए संपर्क पर सहायता उपलब्ध है।
| सेल | संपर्क |
| राष्ट्रीय महिला आयोग हेल्पलाइन | 7827170170 |
| केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड -पुलिस हेल्पलाइन | 1091/1291, (011) 23317004 |
| शक्ति शालिनी | 10920 |
| शक्ति शालिनी - महिला आश्रय | (011) 24373736/24373737 |
| सार्थक | (011) 26853846/26524061 |
| अखिल भारतीय महिला सम्मेलन | 10921/(011) 23389680 |
| जागोरी | (011) 26692700, +918800996640 |
| संयुक्त महिला कार्यक्रम (बैंगलोर, कोलकाता, चेन्नई में भी शाखाएं हैं) | (011) 24619821 |
| साक्षी - हिंसा हस्तक्षेप केंद्र | (0124) 2562336/5018873 |
| सहेली - एक महिला संगठन | (011) 24616485 (शनिवार) |
| निर्मल निकेतन | (011) 27859158 |
| नारी रक्षा समिति | (011) 23973949 |
| बाल यौन शोषण से पीड़ित महिलाओं के लिए सहायता केंद्र | (011) 26238466/26224042, 26227647 |
