बिहार से कैसे अलग है बाकी राज्यों में होने वाला SIR? कौन से दस्तावेज होंगे मान्य, क्या होगी प्रक्रिया, जानें

बिहार चुनावों से पहले SIR एक ऐसा मुद्दा बन गया, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। अब जहां बिहार के बाद अन्य राज्यों में भी चुनाव आयोग द्वारा इसे लागू कर काम किया जा रहा है। बिहार के बाद नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया अब शुरू हो गई है। इससे पहले 2002-04 में SIR किया गया था। आयोग का मानना ​​है कि SIR से यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए और किसी भी अपात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में नहीं रहे।

SIR process begins: निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों को अपडेट करने की कवायद 'विशेष गहन पुनरीक्षण/Special Intensive Revision' (SIR) मंगलवार को नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हो गई है। बिहार चुनावों से पहले SIR एक ऐसा मुद्दा बन गया, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। अब जहां बिहार के बाद अन्य राज्यों में भी चुनाव आयोग द्वारा इसे लागू कर काम किया जा रहा है। तो ऐसे में जानते हैं कि इसका क्या असर होगा और ये कैसे बिहार से अलग होगा।

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नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया शुरू

नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया जो अब शुरू हो गई है, वह सात फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ समाप्त होगी। इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कुल 51 करोड़ मतदाता हैं, जिन्हें ये प्रक्रिया कवर करेगी।

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