सत्ता में रहकर भी 'अपनी ही सरकार' को लेकर मुखर रहे चिराग पासवान, नीतीश को दी चुनौती, क्या इस बार बिहार में करेंगे खेला?

सियासी जानकार भी मान रहे हैं कि चिराग पासवान का लक्ष्य दिल्ली की सियासत नहीं बल्कि बिहार की सत्ता है। आइए समझने की कोशिश करते हैं कि किस तरह चिराग पासवान ने समय-समय पर अलग राह अपनाकर बता दिया कि वह बिहार में लंबी पारी खेलने का इरादा रखते हैं।

Chirag Paswan Strategy: बिहार में इस साल अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव आयोग ने अभी तक मतदान की तारीखों की घोषणा नहीं की है, लेकिन राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस बीच, एनडीए की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का संकेत देकर सियासी परिदृश्य को दिलचस्प बना दिया है। सियासी जानकार भी मान रहे हैं कि चिराग पासवान का लक्ष्य दिल्ली की सियासत नहीं बल्कि बिहार की सत्ता है। आइए समझने की कोशिश करते हैं कि किस तरह चिराग पासवान ने समय-समय पर अलग राह अपनाकर बता दिया कि वह बिहार में लंबी पारी खेलने का इरादा रखते हैं।

Chirag paswan

क्या चिराग पासवान बनेंगे बिहार की सियासत के किंगमेकर? (Photo- PTI)

सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने का इरादा

बिहार के हाजीपुर से सांसद चिराग पासवान ने एक महीने पहले बिहार में अपने नव संकल्प महासभा में घोषणा की थी कि वे विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और लोजपा (आर) सभी 243 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने कहा कि वे बिहार के लोगों के लिए चुनाव लड़ेंगे। उस सभा में उन्होंने "बिहार फर्स्ट" और "बिहारी फर्स्ट" के लिए लड़ने का इरादा जताया। 6 जुलाई को छपरा में एक जनसभा में उन्होंने यही रुख दोहराया। उनके बयानों से साफ है कि वह केंद्र नहीं बल्कि बिहार की राजनीति में दिलचस्पी रखते हैं।

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