'युद्ध जैसे हालात', यूनुस की जिद और सेना का दबाव...आखिर किस ओर जा रहा बांग्लादेश?

बांग्लादेश के अंतरिम मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस भी मौजूदा हालात को लेकर नाउम्मीद हो गए हैं। यूनुस ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि जब से सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाया है, तब से देश के अंदर और बाहर दोनों जगह युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है।

Yunus Cites Crisis Amid Pressure: शेख हसीना को देश छोड़ने से मजबूर करने के बाद अब बांग्लादेश दोबारा उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। कार्यवाहक सरकार के प्रमुख मो. यूनुस के खिलाफ लगातार अविश्वास बढ़ रहा है जिसके चलते देश में अराजकता जैसे हालात हैं। भारत को लगातार आंखें दिखाने वाले बांग्लादेश अब ऐसे संकट से गुजर रहा है जिससे इस देश का भविष्य अनिश्चित दिखने लगा है। एक तरफ यूनुस अपनी गद्दी छोड़ने को तैयार नहीं हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष और छात्रों का संगठन अब जल्द से जल्द चुनाव चाहता है। इसके अलावा सेना ने भी यूनुस पर दबाव बढ़ा दिया है कि वह पद छोड़ें और जल्द से जल्द चुनाव करवाएं। लेकिन यूनुस ने साफ कर दिया है कि वह सत्ता छोड़ने के मूड में नहीं हैं और अगर दबाव डाला गया तो सड़कों पर फिर विद्रोह हो सकता है। यूनुस के सामने अब भारी मुश्किल पैदा हो गया है और उनके मंसूबों पर पानी फिरता दिख रहा है।

Yunus

मो. यूनुस की मुश्किलें शुरू

यूनुस ने बयां किया दर्द

बांग्लादेश के अंतरिम मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस भी मौजूदा हालात को लेकर नाउम्मीद हो गए हैं। यूनुस ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि जब से सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाया है, तब से देश के अंदर और बाहर दोनों जगह युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है। यूनुस ने राजनीतिक दलों के साथ एक बैठक में ये टिप्पणी की। बांग्लादेशी समाचार आउटलेट द डेली स्टार के अनुसार, यूनुस ने बांग्लादेश में विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों के 20 नेताओं से मुलाकात की। यह बैठक राजकीय अतिथि गृह, जमुना में दो अलग-अलग सत्रों में हुई। बीएनपी, जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटिजन पार्टी के नेताओं ने शनिवार को यूनुस से अलग-अलग मुलाकात की थी।

End of Feed