US Iran Ceasefire: युद्ध रोकने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का एक सीजफायर हुआ है लेकिन इस पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल है कि क्या यह सीटफायर टिकेगा? ऐसा इसलिए कि इस सीजफायर को इजराइल ने सैद्धांतिक रूप से तो स्वीकार किया है लेकिन इसे लेकर उसके मन में कई तरह की चिंताएं हैं। वह पूरे मन से इस सीजफायर को स्वीकार नहीं कर पाया है। दूसरा, सीजफायर की घोषणा होने के बाद उसने आतंकवादी संगठन हिज्बुल्ला को निशाना बनाते हुए लेबनान में भीषण हमला किए। उसके हवाई हमलों में लेबनान में भारी तबाही हुई। लेबनान का कहना है कि इजराइल के हमले में कम से कम 182 लोगों की मौत हुई है और 800 से ज्यादा लोग घायल हुए। इजराइल-हिज्बुल्ला के ताजा बड़े संघर्षों में से इसे एक माना जा रहा है। रिपोर्टों यह भी हैं कि हिज्बुल्ला पर इजराइल का हमला होने के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया है।
इस्लामाबाद में सीजफायर पर होनी हैं बातचीत
इस बीच, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सीजफायर के ब्योरों पर ईरान और यूएस के बीच शनिवार से बातचीत होने जा रही है। अमेरिकी शिष्टमंडल का नेतृत्व करने के लिए उप राष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं, व्हाइट हाउस ने इसकी पुष्टि कर दी है। ईरान ने कहा है कि वह इस बातचीत में शामिल होगा। यानी सीजफायर पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए दोनों पक्ष तैयार हैं लेकिन लेबनान पर इजराइल के हमलों के बाद इस सीजफायर के भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जाने लगी हैं, क्योंकि हिजबुल्ला के खिलाफ इजराइल के हवाई हमलों के बाद ईरान ने बुधवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को एक बार फिर बंद कर दिया। इस बीच, अमेरिका ने ईरान से वैश्विक तेल परिवहन के लिए अहम इस जलमार्ग को तत्काल फिर से खोलने की मांग की।
ईरान ने कहा-सीजफायर की 3 शर्तें तोड़ी गईं
रिपोर्टों के मुताबिक हिज्बुल्ला एवं लेबनान पर हमलों के बाद ईरान गुस्से में है। ईरान का दावा है कि सीजफायर की तीन शर्तें तोड़ी गई हैं। ईरान के मुताबिक लेबनान में सीजफायर तोड़ा गया है, दूसरा ईरान पर अब कोई हमला नहीं होगा लेकिन घुसपैठ करने वाले ड्रोन ने ईरान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया, जिसे फार्स प्रांत के लार शहर में मार गिराया गया। तीसरा ईरान के यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) के अधिकार को नकारना, जबकि यह अधिकार इस ढांचे की छठी शर्त में शामिल था। शर्तों का उल्लंघन पर ईरानी संसद के अध्यक्ष बागेर गालिबफ ने कहा है कि सीजफायर की 10 प्रमुख शर्तों में से तीन का उल्लंघन होने के बाद, न तो सीजफायर का मतलब है और न ही बातचीत का कोई मतलब है।
Benjamin Netanyahu
अभी लेबनान में उसके हमले खत्म नहीं हुए-इजराइल
उन्होंने कहा कि अब जिस व्यावहारिक आधार पर बातचीत की जा सकती है, उसी को वार्ता शुरू होने से पहले ही खुले तौर पर और स्पष्ट रूप से तोड़ दिया गया है। वहीं, इजराइल ने अपनी कार्रवाई को जायज ठहराते हुए कहा है कि अभी लेबनान में उसके हमले खत्म नहीं हुए हैं। इस बची, हिज्बुल्ला ने अपने ऊपर हुए हमलों का जवाब दिया है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक हिज्बुल्ला ने कहा है कि उसके पास हमलों का जवाब देने का अधिकार है और उसने इजराइल के उत्तरी इलाकों में रॉकेट से हमले किए हैं। रिपोर्टों में कहा गया है कि करीब 10 मिनट तक हिज्बुल्ला के ठिकानों पर भारी हमले होते रहे। इजराइल के हवाई हमलों में बेरूत में इमारतों को भारी क्षति पहुंची है। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए लेबनान की आपात सेवा के कर्मचारियों को मशक्कत करते देखा गया।
उत्तरी इजराइल में हिज्बुल्ला ने रॉकेट दागे
हिज्बुल्ला ने कहा कि उसने इन हमलों के जवाब में कार्रवाई करते हुए उत्तरी इजराइल में रॉकेट दागे। हिज्बुल्ला ने कहा है कि लेबनान में यदि इजराइल-अमेरिका के हमले यदि नहीं रुकते तो वह जवाबी कार्रवाई करता रहेगा। बीबीसी की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऐसे मालवाहक जहाज जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरना चाहते हैं, उनके लिए वैकल्पिक रास्ते के बारे में जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने ऐसे जहाजों को सामुद्रिक सुरक्षा के सिद्धांतों का पालन करने के लिए कहा है। उसने कहा है कि ऐसा नहीं करने पर जहाज समुद्र मार्ग में बिछाई गईं बारूदी सुरंगों की चपेट में आ सकते हैं। दूसरी तरफ जाने वाले जहाजों को पर्शियन गल्फ की तरफ से निकलते हुए उन्हें लारक द्वीप के दक्षिण की तरफ और फिर उन्हें ओमान के समुद्र की तरफ जाना चाहिए।
सीजफायर के भविष्य पर सवाल
बात यह है कि इस सीजफायर को लेकर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जो बयान दिया है, वह इस युद्धविराम के भविष्य पर सवाल उठाता है। बुधवार रात प्रसारित अपने संबोधन में नेतन्याहू ने कहा कि संघर्षविराम अंत नहीं है और इजराइल के पास अभी भी ऐसे लक्ष्य हैं जिन्हें या तो समझौते के जरिए या फिर लड़ाई दोबारा शुरू करके हासिल किया जाएगा। युद्ध की शुरुआत में नेतन्याहू ने कहा था कि अभियान का उद्देश्य अयातुल्ला अली खामनेई के नेतृत्व वाले ‘आयतुल्ला शासन’ से उत्पन्न खतरे को समाप्त करना है, और यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक इसकी आवश्यकता होगी लेकिन ये लक्ष्य अभी तक पूरी तरह हासिल नहीं हुए हैं। इजराइल को कुछ सामरिक सफलताएं जरूर मिली हैं, लेकिन उसके रणनीतिक लक्ष्य पूरी तरह पूरे नहीं हुए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस सीजफायर का भविष्य नेतन्याहू के रुख पर निर्भर है। इजराइल, हिज्बुल्ला को यदि निशाना बनाकर हमले जारी रखता है तो हो सकता है कि ईरान शर्तों का उल्लंघन बताकर सीजफायर समझौते से अलग हो जाए और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा बंद कर दे। इससे युद्ध की आग दोबारा भड़कने का खतरा होगा और दुनिया फिर वहीं पहुंच जाएगी जहां वह 28 फरवरी के बाद थी।
donald trump
तो अमेरिका फिर से हमला कर सकता है-हेगसेथ
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अगर ईरान संवर्द्धित यूरेनियम नहीं सौंपता है तो अमेरिका फिर से हमला कर सकता है। हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सेना ने "फिलहाल" अपना काम कर दिया है, लेकिन वह यह सुनिश्चित करने के लिए तैयार है कि ईरान युद्ध-विराम की सभी शर्तों का पालन करे। अमेरिका के ’ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ’ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने कहा कि ईरान में 13,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए गए, जिससे देश की 80 प्रतिशत हवाई रक्षा प्रणालियां नष्ट हो गईं और उसके 90 प्रतिशत हथियार कारखानों को निशाना बनाया गया। युद्ध-विराम की घोषणा के बाद संयुक्त अरब अमीरात, इजराइल, सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत में मिसाइल हमले की चेतावनी जारी की गई। अधिकारियों ने बताया कि ईरान की ओर से हुई गोलाबारी के बाद अबू धाबी में एक गैस प्रसंस्करण संयंत्र में आग लग गई।
ईरान में 1,900 से अधिक लोग मारे गए
संयुक्त अरब अमीरात ने कहा है कि उसकी हवाई रक्षा प्रणाली ने ईरान की ओर से आ रही मिसाइलों के जवाब में जवाबी कार्रवाई की। कुवैत की सेना ने कहा कि उसकी सेना ने ड्रोन हमलों को नाकाम करने के लिए कार्रवाई की। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने बताया कि बुधवार को ईरान के लावन द्वीप पर स्थित एक तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ। खबर में कहा गया कि दमकलकर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ। युद्ध में मार्च के अंत तक ईरान में 1,900 से अधिक लोग मारे जा चुके थे। हालांकि सरकार ने कई दिनों से युद्ध में जान गंवाने वाले लोगों के बारे में जानकारी नहीं दी है। लेबनान में, ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के खिलाफ इजराइल के हमले में 1,500 से अधिक लोग मारे गए हैं और 10 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। इजराइल के भी 11 सैनिक मारे गए गए हैं। खाड़ी अरब देशों और कब्जे वाले वेस्ट बैंक में 24 से अधिक लोग मारे गए हैं, जबकि इजराइल में 23 लोगों के मारे जाने की सूचना है तथा 13 अमेरिकी सैनिकों की भी मौत हुई है।
