Bihar Floor Test: बिहार में कल यानि कि 12 फरवरी को फ्लोर टेस्ट होना है। नीतीश हाल के सालों में जितनी बार पलटी मारे हैं, आसानी से सरकार बना ले जाते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। उसका सबसे बड़ा कारण है कि खुद नीतीश कुमार के पास विधायकों की संख्या कम हो चुकी है, साथ ही बार-बार पाला बदलने से विश्वसनियता को लेकर भी सवाल है। लालू ्यादव और तेजस्वी यादव इस बार नीतीश कुमार के खिलाफ चक्रव्यूह रचते दिख रहे हैं।
बिहार में 12 फरवरी को फ्लोर टेस्ट
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लालू यादव का चक्रव्यूह
अभी तक के आंकड़ों से साफ है कि नीतीश कुमार के पास बहुमत है। वो सरकार बचा ले जाएंगे, लेकिन अगर लालू यादव की रणनीति कामयाब रही तो मांझी के साथ-साथ जदयू के कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। तब नीतीश के लिए मुसीबत की बात हो जाएगी। शनिवार को बुलाई गई मीटिंग में जदयू के कुछ विधायक नहीं पहुंचे थे। नीतीश ने जब पलटी मारी थी, तभी से राजद की ओर से खेला शब्द बार-बार उछाला जा रहा है। मांझी से लालू यादव से लेकर राहुल गांधी तक बात कर चुके हैं। शनिवार को महबूब आलम, मांझी से मिल चुके हैं। ऐसे में मांझी के चारों विधायक अगर अचानक से पलटी मार जाएं तो...?
विधायकों की बाड़ेबंदी
बिहार के राजनीतिक गलियारों में कहा जा रहा है कि इस बार लालू-तेजस्वी की जोड़ी ऐसी एक्टिव है कि बीजेपी भी अपने विधायकों को लेकर बोधगया में थी। उनका प्रशिक्षण चल रहा था। सबसे पहले कांग्रेस में टूट की खबर आई थी, जिसके बाद कांग्रेस अपने विधायकों को लेकर हैदराबाद चली गई थी। जदयू ने अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी किया है। सभी पार्टियां कोशिश कर रही हैं कि उसकी पार्टी न टूटे।
बिहार में किसके पास कितने विधायक
बिहार विधानसभा में 243 सीट हैं। जिसमें से जदयू-बीजेपी और मांझी को मिलाकर 128 विधायक हैं। मतलब पूरे बहुमत से 6 विधायक अधिक। वहीं तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन के पास 114 सदस्य हैं। इन्हें सरकार बनाने के लिए 8 विधायक चाहिए। जिसके लिए लालू यादव के चक्रव्यूह का सफल होना जरूरी है।
