'गंदी नाली की कीड़े....', CJP के प्रोटेस्ट में Gen Z पर भड़के Mukesh Khanna, दी सख्त चेतावनी

Mukesh Khanna On CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन खत्म हो गया है, लेकिन अब इस प्रदर्शन में इस्तेमाल हुई भाषा मुद्दा बन गई है। इस पर मुकेश खन्ना ने अपना गुस्सा जाहिर किया है।

Mukesh Khanna On CJP Protest: कॉकरोट जनता पार्टी के जंतर मंतर पर चले प्रदर्शन ने देश को हिलाकर रख दिया था। इस प्रदर्शन में जेन जी (GenZ) की जीत हुई। सरकार ने उनकी मांगों को पूरा किया। कॉकरोच जनता पार्टी को बॉलीवुड स्टार्स का फुल सपोर्ट मिला, लेकिन इस बीच कई स्टार्स ऐसे भी दिखे, जिन्होंने सीजेपी (CJP) के प्रोजेस्ट में शामिल कुछ प्रदर्शनकारियों की भाषा पर सवाल उठाए। कंगना रनौत पहले ही इन पर भड़क चुकी हैं और अब मुकेश खन्ना (Mukesh Khanna) ने अपनी भड़ास निकाली है। मुकेश खन्ना ने ऐसे लोगों की तुलना गंदी नाली के कीड़ों से की है।

mukesh khanna on cjp

mukesh khanna on cjp (photo credit- instagram)

जेन जी पर भड़के मुकेश खन्ना

मुकेश खन्ना ने अपना एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने सेजीपी के प्रोजेस्ट में इस्तेमाल हुई भाषा पर सवाल उठाए और ऐसे लोगों की निंदा की। उन्होंने बताया कि वह इस वक्त भारत से बाहर है लेकिन वह इन चीजों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। मुकेश खन्ना ने वीडियो में कहा कि मैं इंडिया से बाहर हूं लेकिन मैं इंस्टाग्राम, रील्स और यूट्यूब के जरिए भारत पर नजर रख रहा हूं। दो दिन पहले मैंने एक वीडियो डाली थी, जिसमें मैंने चिंता जाहिर की थी कि अगर ये हमारा यूध है। ये हमारे जेन-जी हैं, तो आने वाले 25 सालों के बाद हमारा देश इनके कंधों पर टिकेगा इससे आप समझ सकते हो कि हमारे देश का हाल क्या होगा?

जेन जी को मुकेश खन्ना को दी नसीहत

उन्होंने आगे अपनी राय देते हुए बताया कि कैसे सरकार को गिराने के लिए वक्त वक्त पर लोग आए हैं और इस बार प्रधानमंत्री के खिलाफ और उनकी मां-बहन को लेकर गालियां दिलवाते हैं। इसके बाद रातभर पार्टी करते हैं। ऐसे लोगों की वजह से स्टूडेंट्स मुश्किल में है। इसके बाद एक्टर ने प्रोटेस्ट में अभद्र भाषा का इस्तेमाल कराने वालों को फटकार लगाई और कहा कि वो लोग सच में कॉकरोच है और जिस तरह घर में आए कॉकरोच को बाहर फेंका जाता है, तो कैमरे के सामने बोलने वालों को भी हटाया जाए, निकाला जाए और दूर किया जाए। एक्टर का मानना है कि ये आंदोलन नीट छात्रों का नहीं था। ये एक स्पॉन्सर्ड आंदोलन था, जिसमें भारी पैसा लगाया गया था और इसमें आए लोग भी छात्र नहीं थे। सब बिके हुए थे। उन्होंने छात्रों को भी समझाया कि इसका असर उनके करियर पर पड़ेगा। उन्हें इससे बाहर आना चाहिए।

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