AICWA on Shilpa Shinde Case: 'भाभी जी घर पर हैं' (Bhabhiji Ghar Par Hai) फेम एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे (Shilpa Shinde) इन दिनों काफी चर्चा में बनी हुई है। इसकी वजह शिल्पा शिंदे से जुड़ा एक विवाद है। शिल्पा शिंदे ने कुछ साल पहले 'भाबीजी घर पर हैं' के प्रोड्यूसर संजय कोहली पर सेक्शुअल हैरेसमेंट का केस किया था। लेकिन अभी हाल ही में एक्ट्रेस ने कबूल किया कि उनका ये केस फर्जी था। इसके बाद से शिल्पा शिंदे विवादों में है। अब फर्जी यौन उत्पीड़न मामले को लेकर अब AICWA ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। जिसके बाद ये मामला फिर से खबरों में है। (टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: Shilpa Shinde को अशोक पंडित ने लगाई फटकार, एक्ट्रेस पर लगेगा बैन?)
AICWA ने शिल्पा शिंदे को लेकर दिया ये बयान (Image Source: IMDb)
शिल्पा शिंदे पर भड़का AICWA
एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे एक बार फिर से अपने फर्जी केस को लेकर खबरों में हैं। इस मामले को लेकर अब विवाद बढ़ता ही जा रहा है। टीवी स्टार्स ने भी शिल्पा शिंदे के इस फर्जी केस पर हिना खान समेत कई स्टार्स ने रिएक्शन देना शुरू कर दिया है। इसी बीच AICWA ने इंस्टाग्राम पर एक बयान जारी किया। संगठन ने कहा कि शिल्पा शिंदे का ये मान लेना कि उन्होंने 'भाबीजी घर पर हैं' के प्रोड्यूसर संजय कोहली पर झूठे यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, पूरी फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के लिए चिंता की बात है। AICWA ने अपने बयान में कहा, 'किसी पर झूठा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाना उसकी जिंदगी पर बहुत बुरा असर डाल सकता है। इससे उसकी इज्जत, परिवार, बच्चों, करियर और मानसिक हालत तक प्रभावित हो सकती है। ऐसे आरोप किसी की छवि को हमेशा के लिए नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसका असर सिर्फ उस शख्स पर नहीं, बल्कि उसके परिवार और करीबियों पर भी पड़ता है।' (टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: भक्ति की राह पर Shilpa Shinde, प्रोड्यूसर पर यौन उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाकर हुईं ट्रोल, ऐसे विवाद होगा खत्म?)
मुख्यमंत्री से की मांग
AICWA के बयान में आगे कहा गया कि 'ऐसी घटनाओं की वजह से लोगों के मन में असली शिकायतों को लेकर भी शक पैदा हो सकता है। इससे उन लोगों की बात पर भरोसा करना मुश्किल हो जाता है, जिन्होंने वाकई उत्पीड़न झेला है और न्याय चाहते हैं। अपने बयान के आखिर में AICWA ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। संगठन ने कहा, 'अगर जांच में यह साबित होता है कि आरोप जानबूझकर झूठे लगाए गए थे, तो कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बेगुनाह लोगों को झूठे आरोपों से बचाना और असली पीड़ितों को इंसाफ दिलाना, दोनों ही उतना ही जरूरी है।'
