Kantara 2: कन्नड़ स्पीच विवाद पर ऋषभ शेट्टी ने तोड़ी चुप्पी, कहा- 'मैं कभी किसी का अपमान नहीं करता...' - Exclusive

  • Authored by: अभय
  • Updated Oct 2, 2025, 09:43 AM IST

Rishab Shetty on Kannada Speech: फिल्म कांतारा: चैप्टर 1 (Kantara: Chapter 1) फेम सुपरस्टार ऋषभ शेट्टी (Rishab Shetty) ने अभी हाल ही में Zoom को एक इंटरव्यू दिया है। इस इंटरव्यू के दौरान ऋषभ शेट्टी कन्नड़ में स्पीच वाले विवाद पर बयान दिया है। तो चलिए जानते हैं ऋषभ शेट्टी ने क्या कहा है।

Rishab Shetty on Kannada Speech: साउथ के जाने-माने स्टार ऋषभ शेट्टी (Rishab Shetty) इन दिनों अपनी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म कांतारा: चैप्टर 1 (Kantara Chapter 1) को लेकर खबरों में बने हुए हैं। फिल्म कांतारा: चैप्टर 1 को लेकर एक के बाद एक अपडेट सामने आ रहे हैं। इन सब के बीच एक्टर ऋषभ शेट्टी का Zoom को दिया एक इंटरव्यू सामने आया है। इस इंटरव्यू के दौरान ऋषभ शेट्टी ने हैदराबाद में एक प्रमोशनल इवेंट में सिर्फ कन्नड़ में स्पीच वाले विवाद पर चुप्पी तोड़ी है। तो चलिए जानते हैं पूरा मामला क्या था और अब ऋषभ शेट्टी ने इसको लेकर क्या बयान दिया है।

Rishab Shetty on Kannada Speech

Image Source: IMDb

कन्नड़ स्पीच विवाद पर ऋषभ शेट्टी ने कही ये बात

एक्ट ऋषभ शेट्टी ने हैदराबाद में एक प्रमोशनल इवेंट में ऋषभ ने सिर्फ कन्नड़ में स्पीच दी, जिससे तेलुगु फैंस नाराज हो गए थे। अब ऋषभ शेट्टी ने Zoom को दिए इंटरव्यू में इस विवाद पर चुप्पी तोड़ी है। ऋषभ शेट्टी ने कहा कि 'मुझे अपनी भाषा और संस्कृति पर गर्व है। मैं अपनी भाषा का सम्मान करता हूं और उस पर गर्व करता हूं, तो दूसरी भाषाओं के लिए भी वही भावना रखता हूं। ये बदल नहीं सकता। मेरे पास डबल स्टैंडर्ड नहीं हो सकता। अगर मुझे अपनी भाषा से प्यार है, तो दूसरी भाषाओं के लिए भी उतना ही प्यार है।' इसके आगे ऋषभ ने इवेंट में कन्नड़ में बोलने के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने कहा, 'जो भी मैं हिंदी या तमिल में बोलता हूं, मेरा पूरा सोचना कन्नड़ में होता है। इवेंट में मैंने कहा, 'अंदरिकी नमस्कारम'। मुझे मन की बात कहनी चाहिए, इसलिए मैं कन्नड़ में बोलता हूं। क्योंकि मेरा सोच वही से शुरू होती है और फीलिंग्स भी वही से आती हैं। मैं कभी किसी का अपमान नहीं करता और बहुत इज्जत करता हूं। मैंने हर इंडस्ट्री से, चाहे तेलुगु हो, तमिल, मलयालम या हिंदी से बहुत प्रेरणा ली है। हमने वो देखा और सीखा है। लेकिन लोग कहीं न कहीं पकड़ लेते हैं और कुछ बातें कर देते हैं। लेकिन ये उनका नजरिया है और मैं उनका अपमान नहीं करूंगा। मैं अपनी भाषा जितना सम्मान करता हूं, उतना ही दूसरी भाषाओं का भी सम्मान करता हूं। क्योंकि मैंने बहुत सारे लोगों के साथ काम किया है और कई सफर देखे हैं।'

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