फिल्म प्रेम कीटाणु का रिव्यू (Image Source: Prem Keetanu Movie)
Prem Keetanu Movie Review: वीर पहाड़िया और आफिया सैयद की फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ प्यार, दोस्ती और कॉमेडी से भरी हल्की-फुल्की कहानी है। फिल्म तेजी से आगे बढ़ती है और कई सीन हंसाते हैं, लेकिन इसकी कहानी में कुछ भी बहुत नया नहीं लगता। तो क्या ये फिल्म आपका दिल जीत पाएगी?
Prem Keetanu Movie Review: एक्टर वीर पहाड़िया (Veer Pahariya) और आफिया सैयद (Aafiya Sayed) की फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ (Prem Keetanu) एक हल्की-फुल्की रोमांटिक कॉमेडी है, जिसमें प्यार, दोस्ती, परिवार और करियर की उलझन को साथ लेकर चलने की कोशिश की गई है। फिल्म 2 अक्टूबर को रिलीज हुई है और इसका रनटाइम 2 घंटे 18 मिनट है। ये 2024 की मलयालम फिल्म ‘प्रेमलु’ (Premalu) का हिंदी रीमेक है। फिल्म का सबसे अच्छा हिस्सा इसका हंसी-मजाक और कलाकारों की केमिस्ट्री है, लेकिन कहानी में कुछ भी बहुत नया नहीं मिलता।
फिल्म की कहानी विशाल ठाकुर यानी वीर पहाड़िया के आसपास घूमती है। विशाल 23 साल का इंजीनियरिंग ग्रेजुएट है, लेकिन उसे खुद नहीं पता कि जिंदगी में आगे क्या करना है। नौकरी की तलाश चल रही है, परिवार से भी रिश्ते बहुत अच्छे नहीं हैं और अमेरिका जाकर आगे पढ़ाई करने का सपना भी पूरा होता नजर नहीं आ रहा। विशाल की जिंदगी में उसका दोस्त और रूममेट मगन यानी निखिल विजय हमेशा उसके साथ रहता है। दोनों की दोस्ती फिल्म के मजेदार हिस्सों में से एक है। विशाल अपनी जिंदगी को लेकर भले ही परेशान हो, लेकिन उसका ध्यान ज्यादातर प्यार और मस्ती में लगा रहता है।
फिर उसकी मुलाकात सुहानी शर्मा यानी आफिया सैयद से होती है। पहली मुलाकात के बाद विशाल को सुहानी पसंद आ जाती है। यहां से फिल्म की असली लव स्टोरी शुरू होती है। विशाल सुहानी को पसंद करता है, लेकिन उसे यह समझ नहीं आता कि सुहानी उसके बारे में क्या सोचती है। मामला तब थोड़ा पेचीदा हो जाता है, जब सुहानी की जिंदगी में रंजीत यानी अपारशक्ति खुराना आता है। रंजीत सुहानी का बॉस और करीबी दोस्त है। लेकिन फिल्म सिर्फ लड़का-लड़की और तीसरे शख्स वाली लव स्टोरी नहीं है। विशाल के सामने करियर और परिवार से जुड़ी परेशानियां भी हैं। जब उसे अमेरिका जाने का मौका मिलता है, तो उसके सामने एक बड़ा सवाल खड़ा हो जाता है। क्या वो प्यार के लिए रुक जाए या अपने भविष्य के बारे में सोचे? यहीं से फिल्म सिर्फ रोमांस नहीं, बल्कि बड़े होने और जिंदगी के फैसले लेने की कहानी भी बनने की कोशिश करती है।
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है इसका हंसी-मजाक। कहानी भले ही बहुत नई नहीं है, लेकिन कई सीन आपको मुस्कुराने और हंसने पर मजबूर करते हैं। खासकर विशाल और उसके दोस्त मगन के बीच की बातचीत काफी मजेदार है। दोनों की दोस्ती सिर्फ कहानी को आगे बढ़ाने के लिए नहीं है, बल्कि फिल्म के कई अच्छे कॉमेडी सीन इन्हीं दोनों के साथ आते हैं। वीर पहाड़िया भी विशाल के किरदार में अच्छे लगते हैं। आफिया सैयद की ये पहली फिल्म है और वो सुहानी के रोल में ठीक लगती हैं। उनके किरदार में एक फ्रेशनेस है और वीर के साथ उनकी जोड़ी भी नेचुरल लगती है।
फिल्म में अपारशक्ति खुराना भी अपनी कॉमेडी से माहौल हल्का रखते हैं। उनका रंजीत वाला किरदार सिर्फ हीरो का दुश्मन नहीं है। यही चीज इसे थोड़ा अलग बनाती है। राकेश बेदी भी सुहानी के पिता के रोल में अच्छे लगते हैं। फिल्म का एक और अच्छा हिस्सा है दोस्ती और परिवार वाला ट्रैक। फिल्म ये दिखाती है कि कई बार परिवार में लोग एक-दूसरे की चिंता करते हैं, लेकिन उसे सीधे बोल नहीं पाते। यह हिस्सा फिल्म को सिर्फ एक आम रोमांटिक कॉमेडी बनने से थोड़ा ऊपर ले जाता है।
फिल्म की सबसे बड़ी कमी है कि इसकी कहानी काफी जानी-पहचानी लगती है। लड़का लड़की को पसंद करता है, लड़की की जिंदगी में एक दूसरा लड़का आता है, फिर कन्फ्यूजन होता है और आखिर में प्यार को लेकर फैसला लेना होता है। रोमांटिक कॉमेडी में ये फॉर्मूला पहले भी कई बार देखा जा चुका है। दूसरी कमी है कि विशाल के करियर और परिवार की परेशानियों को उतनी गहराई नहीं दी गई, जितनी दी जा सकती थी।
दूसरे हाफ में भी कहानी की रफ्तार थोड़ी कम होती है। शुरुआत में जो हल्का और मजेदार अंदाज बना रहता है, वो बाद में थोड़ा कमजोर पड़ता है। रोमांस का ट्रैक आगे बढ़ता है, लेकिन कुछ घटनाएं आसानी से समझ आ जाती हैं। इसके अलावा, अगर आपने ‘प्रेमलु’ देखी है और उसकी ताजगी आपको पसंद आई थी, तो ‘प्रेम कीटाणु’ में वही असर दोबारा मिलना मुश्किल हो सकता है।
अगर आपको हल्की-फुल्की लव स्टोरी, दोस्ती और कॉमेडी वाली फिल्में पसंद हैं, तो ‘प्रेम कीटाणु’ एक बार देखी जा सकती है। वीर पहाड़िया और आफिया सैयद की जोड़ी ठीक लगती है, जबकि निखिल विजय और अपारशक्ति खुराना फिल्म में हंसी का अच्छा हिस्सा जोड़ते हैं। फिल्म से बहुत ज्यादा नई या अलग कहानी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। इसका सबसे मजबूत हिस्सा इसका हल्का-फुल्का अंदाज और किरदारों की मस्ती है, जबकि कहानी और इमोशनल हिस्से में थोड़ी और मेहनत की जरूरत महसूस होती है।
Tamannaah Bhatia,Sidharth Malhotra,Anup Soni,Sunil Grover,Shweta Tiwari
Thriller
2 hr 22 mins
Anjali Arora,Rajniesh Duggall,Dev Sharma,Nirbhay Wadhwa,Sheel Verma
parineeti chopra,jennifer winget,soni razdan