Mannu Kya Karega Movie: हर शुक्रवार सिनेमाघरों में ढेरों फिल्में आती हैं। इनमें कुछ शोर मचाती हैं, कुछ चमकती हैं, और कुछ चुपचाप दिल में उतर जाती हैं। 'मन्नू क्या करेगा' इसी तीसरी किस्म की फिल्म है। यह कहानी है मानव चतुर्वेदी उर्फ़ मन्नू (Vyom Yadav) की है, जो देहरादून के एक बड़े कॉलेज में पढ़ता है। मन्नू होशियार है, हर एक्टिविटी में अच्छा है, लेकिन सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि उसे अपनी ज़िंदगी की दिशा नहीं पता। इसी दौरान उसकी मुलाकात होती है जिया (Sanchi Bindra) से जो साफ सोच, फोकस और बड़े सपनों वाली लड़की है।
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क्या है फिल्म की कहानी
अपने आप को साबित करने की जल्दबाज़ी में मन्नू एक झूठ बोल देता है। एक फर्जी स्टार्टअप “नथिंग” का। इस झूठ के चक्कर में वह नकली ऑफिस और फेक इमेज तक बना लेता है। जब सच सामने आता है, तो रिश्ते टूटते हैं और वह अकेला रह जाता है। इसी बिखराव में कॉलेज के डीन (विनय पाठक) उसे Ikigai की फिलॉसफी से परिचित कराते हैं और मन्नू की नई यात्रा शुरू होती है।
कैसी है स्टार्स की एक्टिंग
व्योम यादव (मन्नू) फिल्म की सबसे बड़ी ताकत। उन्होंने किरदार की मासूमियत और उलझन को बहुत सहजता से निभाया है। साची बिंद्रा (जिया) – आत्मविश्वासी है, बिना किसी बनावटीपन के है। कुमुद मिश्रा और चारु शंकर – माता-पिता के किरदार में बेहद असरदार, आज के पैरेंट्स की दुविधा को बखूबी दिखाया। विनय पाठक (Don सर) – हास्य और फिलॉसफी का बेहतरीन मिश्रण, हर सीन में गहराई जोड़ते हैं।सपोर्टिंग कास्ट—राजेश कुमार, बृजेंद्र काला और अन्य कलाकारों ने कहानी को मजबूती दी है।
देहरादून की खूबसूरत लोकेशन्स फिल्म को पोस्टकार्ड जैसा लुक देती हैं। पहाड़, कॉलेज कैंपस, सड़कें और कैफे—सब मिलकर एक असल और रिलेटेबल माहौल बनाते हैं। निर्देशक संजय त्रिपाठी ने फिल्म को रियल स्पेस में रखा है, बिना ओवरड्रामा के। स्क्रिप्ट (सौरभ गुप्ता और राधिका मल्होत्रा) स्मार्ट और सीधे शब्दों में है, डायलॉग्स खासकर युवाओं के लिए जुड़ाव महसूस हैं। स्क्रीनप्ले क्लाइमैक्स तक पकड़ बनाए रखता है। हमारी तरफ से मूवी को 3.5 की रेटिंग दी जा रही है। इसे एक बार जरूर देखें।
