बॉलीवुड के पॉपुलर एक्टर टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) से जुड़े फायरिंग केस में मुंबई क्राइम ब्रांच ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने इस मामले में अब महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA), 1999 भी लगा दिया है। इस कानून के लागू होने से सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और सख्त हो सकती है। पुलिस को इस कानून के इस्तेमाल के लिए 27 अक्टूबर 2026 को मंजूरी मिली थी। अब इस मामले की जांच नए कानूनी नियमों के तहत आगे बढ़ेगी। (Times Now Navbharat पर ये भी पढ़ें-Imran Khan को देश छोड़ने के नोटिस पर राहत मिलेगी या नहीं? 2 नवंबर को होगी सुनवाई)
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में MCOCA की एंट्री (pic credit-instagram)
फायरिंग केस में MCOCA की एंट्री
मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ MCOCA की धारा 3(1)(ii), 3(2) और 3(4) जोड़ी हैं। यह कानून संगठित अपराध से जुड़े मामलों में लागू किया जाता है। इसके तहत उन अपराधों की जांच और कार्रवाई की जाती है, जिनका संबंध किसी संगठित गिरोह या अपराध से जुड़ी गतिविधियों से हो सकता है। हालांकि, इस कानून को लागू किए जाने का मतलब यह नहीं है कि आरोपियों के खिलाफ लगे आरोप साबित हो गए हैं। मामले में उनकी भूमिका और आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही साफ होगी। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, यह मामला 19 अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया था। केस का नंबर DCB CID CR No. 143/26 है। शुरुआत में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) और 3(5) के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 3 और 25 के तहत मामला दर्ज किया था।
बताते चलें कि 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गई थीं। इस हमले में टाइगर को ज्यादा चोट नहीं आई, लेकिन उनके ड्राइवर और एक राहगीर घायल हो गए थे। पुलिस ने अगले दिन राजस्थान के कोटा में ट्रेन से जा रहे तीन आरोपियों फूल सिंह, रेहान अंसारी और ऋतिक महतो को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान अंधेरी से हमले में इस्तेमाल की गई बाइक और सूरत से दो बंदूकें और 10 कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने इंदौर से प्रांजल ठाकरन को भी गिरफ्तार किया। इस मामले में अब तक कुल 11 लोगों को पकड़ा जा चुका है।
