Vande Mataram विवाद पर भड़के Mukesh Khanna, शर्मिला टैगोर के बयान पर उठाए सवाल

Mukesh Khanna on Vande Mataram Controversy: बॉलीवुड इंडस्ट्री की दिग्गज अदाकारा शर्मिला टैगोर ने 'वंदे मातरम' गीत को लेकर कमेंट किया था। अब मुकेश खन्ना ने एक्ट्रेस के बयान पर रिएक्शन दिया है।

Vande Mataram Controversy: 'महाभारत' में भीष्म पितामह और 'शक्तिमान' जैसे किरदारों के जरिए अपनी पहचान बनाने वाले मुकेश खन्ना अक्सर अपने बयानों के चलते छाए रहते हैं। इस बार उन्होंने 'वंदे मातरम' को लेकर चल रही बहस पर रिएक्शन दिया। अभिनेता ने दिग्गज एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर के कथित बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रीय गीत को धर्म के आधार पर देखने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। दरअसल 'वंदे मातरम' को लेकर इन दिनों बहस चल रही है कि इसे पूरा गाया जाना चाहिए या फिर इसकी शुरुआती पंक्तियों तक ही सीमित रखा जाना चाहिए। इसी मुद्दे पर शर्मिला टैगोर की कथित राय का जिक्र करते हुए द फ्री प्रेस जर्नल से बातचीत में मुकेश खन्ना ने अपनी असहमति जाहिर की। (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: Toxic box office Day 9: खत्म हो चला है Yash की फिल्म सफर, कमाई ने किया मेकर्स को निराश)

Mukesh Khanna Take Dig on Sharmila Tagore Over Vande Mataram Remark

शर्मिला टैगोर की बात से सहमत नहीं हैं मुकेश खन्ना (Pic Credit: Instagram)

शर्मिला टैगोर की बात से सहमत नहीं हैं मुकेश खन्ना

मुकेश खन्ना ने कहा कि इंसान किसी भी मुद्दे पर अपनी राय देने के लिए स्वतंत्र है लेकिन वह इस बात को समझ नहीं पा रहे हैं कि 'वंदे मातरम' को धर्म से जोड़कर क्यों देखा जा रहा है। अभिनेता ने बातचीत के दौरान शर्मिला टैगोर के निजी जीवन और उनके बैकग्राउंड का भी जिक्र किया। उन्होंने उनकी शादी के बाद के नाम आयशा बेगम को मेंशन करते हुए सवाल किया कि क्या धर्म को लेकर उनकी चिंता शादी के बाद शुरू हुई। मुकेश ने कहा कि शर्मिला बंगाल में पली-बढ़ी हैं और उन्होंने बंगाली संस्कृति और वहां की धार्मिक परंपराओं को करीब से देखा है। उन्होंने सवाल किया कि अगर आज धार्मिक भावनाओं की बात की जा रही है तो यह चिंता अब क्यों सामने आ रही है।

'वंदे मातरम' विवाद पर मुकेश खन्ना ने दिया रिएक्शन

'वंदे मातरम' के बाद के अंतरों में देवी-देवताओं के संदर्भ को लेकर होने वाली आपत्तियों पर मुकेश खन्ना ने अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि इस गीत को लेकर कुछ मुस्लिम वर्गों की आपत्ति केवल धार्मिक संदर्भों तक सीमित नहीं रही है। कुछ लोगों का यह भी मानना है कि ये केवल खुदा के सामने झुकते हैं और किसी के सामने नहीं। हालांकि मुकेश ने यह भी क्लियर करते हुए कहा कि देश के सम्मान का मतलब किसी व्यक्ति को जबरन किसी मूर्ति या प्रतीक के सामने झुकाना नहीं है। (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: 'Mirzapur The Movie' पहले दिन करेगी ताबड़तोड़ कमाई, बॉक्स ऑफिस पर दिखेगा भौकाल)

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