आज के समय में किसी भी फिल्म को बनाने और उसके कास्ट की पेमेंट करने में करोड़ों का खर्च आता है। प्रोड्यूसर्स फिल्म को बनाने में पानी की तरह पैसा बहाते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी फिल्म के बारे में बता रहे हैं जिसे बनाने की लागत एक लाख रुपये से भी कम आई थी। इतना ही नहीं इस फिल्म की कास्ट को फीस की जगह निर्देशक ने नूडल्स और मोमोज खिलाए थे। भले ही आपको इस बात पर यकीन नहीं हो रहा हो। लेकिन ये एक दिलचस्प कहानी है। इस फिल्म को बनाने की कहानी बेहद दर्दभरी है। आइए जानते हैं कौन सी है ये फिल्म और क्या है इसकी दिलचस्प कहानी?
kenny basumatary local kung fu
हम आपको असमी फिल्म लोकल कुंग फू (local kung fu) के बारे में बता रहे हैं, जिसे Kenny Basumatary ने डायरेक्ट किया था। ये एक मॉर्शल आर्ट कॉमेडी फिल्म थी, जो साल 2013 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म को बनाने में एक लाख से भी कम की लागत आई थी। फिल्म की कहानी कुंग फू की प्राचीन कला से प्रभावित थी। इसकी कहानी में प्यार से लेकर कॉमेडी का भरपूर डोज था। हालांकि इस फिल्म में कोई हीरो नहीं था। इस फिल्म में काम करने वाले सभी लोग मार्शल आर्ट्स के स्टूडेंट्स थे। सभी ने बिना किसी केबल या मदद के सभी एक्शन सीन्स को खुद किया था।
फिल्म की कास्ट को फीस की जगह मोमोज और नूडल्स मिले थे
दरअसल कोई भी एक्टर केनी की इस फिल्म में काम नहीं करना चाहता था। इसके बाद उन्हें मजबूरन 20 लोगों को लेकर फिल्म बनानी पड़ी, जिनका एक्टिंग से कोई वास्ता नहीं था। फिल्म की शूटिंग 100 दिनों में पूरी हुई थी। बॉलीवुड में इस फिल्म को प्रोड्यूस करना चाहते थे केनी लेकिन उनका मुंबई में उनके साथ अच्छा अनुभव नहीं रहा, जिसके बाद उन्होंने अपने सपने को गुवाहाटी में पूरा किया।
केनी के पास भले ही पैसे नहीं थे लेकिन अपने सपने को पूरा करने का जज्बा था। उन्होंने अपने परिवार से कुछ पैसे इकट्ठे किए। उन्होंने 95 हजार रुपये से फिल्म की शूटिंग पूरी की। उनके पास कास्ट को पेमेंट देने तक के पैसे नहीं थे, इसलिए फीस की जगह वो फिल्म की कास्ट को मोमोज और नूडल्स खिलाते थे। फिल्म ने असम में खूब धमाल मचाया। फिल्म को IDMB में 8.3 रेटिंग मिली। लोकल कुंग फू के दूसरे पार्ट को भी केनी ने लोगों से चंदा इकट्ठा करके पूरा किया था। फिल्म के दूसरे पार्ट ने भी असम बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया था।
