First Review: आमिर खान की Sitaare Zameen Par को सुधा मूर्ति ने की जमकर तारीफ, बताया- 'आई ओपनर मूवी'

  • Authored by: अभय
  • Updated Jun 10, 2025, 02:46 PM IST

Sitaare Zameen Par First Review: बॉलीवुड एक्टर आमिर खान (Aamir Khan) की फिल्म सितारे जमीन पर (Sitaare Zameen Par) 20 जून 2025 को सिनेमाघरों में धूम मचाने को तैयार है। इस फिल्म को लेकर समाजसेविका सुधा मूर्ति (Sudha Murty) ने रिव्यू किया है। एक खास स्क्रीनिंग में 'सितारे जमीन पर' देखने के बाद सुधा ने इस फिल्म को आंखें खोलने वाली और खूबसूरत बताया है।

Sitaare Zameen Par First Review: बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान (Aamir Khan) की नई फिल्म सितारे जमीन पर (Sitaare Zameen Par) 20 जून को बड़े पर्दे पर दस्तक देने वाली है। आमिर खान की ये फिल्में रिलीज से पहले ही काफी चर्चा में बनी हुई है। आमिर खान की इस फिल्म को लेकर कई इंटरव्यू में बोलते हुए नजर आ रहे हैं। इसी बीच फिल्म सितारे जमीन पर को लेकर सुधा मूर्ति (Sudha Murty) ने रिएक्शन दिया है। सुधा मूर्ति इस फिल्म का एक छोटा सा रिव्यू किया है जिसको लेकर काफी चर्चा हो रही है। तो चलिए जानते हैं सुधा मूर्ति ने आमिर खान की फिल्म सितारे जमीन पर को लेकर क्या बोला है।

Sitaare Zameen Par First Review

सुधा मूर्ति ने की 'सितारे जमीन पर' की तारीफ

आमिर खान की फिल्म सितारे जमीन पर रिलीज से पहले ही सुर्खियों में बनी हुई है। फिल्म के ट्रेलर को देखने के बाद ही लोग इस मूवी को हिट बताते हुए नजर आ रहे हैं। इसी बीच सुधा मूर्ति ने आमिर खान की फिल्म सितारे जमीन देखने के बाद रिव्यू दिया है। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में सुधा मूर्ति ने फिल्म की तारीफ करते हुए कहा कि 'मैंने सितारे जमीन पर देखी। ये फिल्म एक आंख खोलने वाली है, क्योंकि बहुत से लोग ऐसे बच्चों को नहीं समझते। नॉर्मल क्या है, ये खुद एक बड़ा फिलॉसॉफिकल सवाल है। लेकिन इस फिल्म में ये बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है कि ये बच्चे कितने सेंसिटिव और प्योर हार्टेड होते हैं। वो हमेशा मुस्कुराते हैं क्योंकि उनकी जिंदगी को देखने का नजरिया बहुत सिंपल होता है। जब कोई ऐसा कुछ हासिल कर लेता है, जो आपने नहीं किया तो भी आप उसकी खुशी में शामिल हो जाते हैं।' इसके आगे सुधा मूर्ति ने फिल्म के असर को लेकर कहा कि 'इन लोगों से आप बहुत गहरे और फिलॉसॉफिकल लेसन सीखते हैं। ये मूवी बहुत सारे बदलाव ला सकती है और ये लोगों को इंटलेक्चुअल डिसएबिलिटी के मुद्दे पर सेंसिटिव भी बना सकती है।'

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