Zubeen Garg डेथ केस में कोर्ट ने लिया बड़ा फैसला, 4 लोगों पर लगा मर्डर का आरोप

  • Authored by: अभय
  • Updated May 27, 2026, 11:15 AM IST

Yaa Ali Fame Zubeen Garg Death Case: जुबिन गर्ग (Zubeen Garg) के डेथ केस में एक नया अपडेट सामने आया है। इस केस में कोर्ट ने 4 लोगों पर मर्डर के आरोप लगाए हैं।

Yaa Ali Fame Zubeen Garg Death Case: असम के मशहूर सिंगर और एक्टर जुबिन गर्ग (Zubeen Garg) ने निधन के बाद से उनके केस को लेकर एक के बाद एक अपडेट सामने रहे हैं। कभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी हो जाती है, तो कभी कोर्ट का कोई फैसला आ जाता है। जुबिन गर्ग के निधन के बाद से फैंस और परिवार के लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। इन सब के बीच जुबिन गर्ग की मौत का मामला अब नया ट्विस्ट ले चुका है। गुवाहाटी की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने इस केस में 7 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए, जिनमें से 4 पर हत्या का आरोप है। तो चलिए जानते हैं पूरा मामला क्या है। (ये भी पढ़ें: पीएम मोदी ने जुबीन गर्ग की मौत पर जताया दुख, राहुल गांधी का भी छलका दर्द)

Yaa Ali Fame Zubeen Garg Death Case

जुबीन गर्ग के डेथ केस में आया नया अपडेट (Image Source: Zubeen Garg Instagram)

4 लोगों पर लगा मर्डर का आरोप

जुबिन गर्ग का डेथ केस एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। इसकी वजह कोर्ट का अभी हाल ही में सामने आया फैसला है। Hindustan Times की रिपोर्ट के मुताबिक जुबिन गर्ग से जुड़े मामले में कोर्ट ने कई गंभीर धाराएं लगाई हैं। इनमें मिलकर अपराध करने, आपराधिक साजिश, हत्या, गैर-इरादतन हत्या, जबरन वसूली, धोखाधड़ी, भरोसा तोड़ने और सबूत मिटाने जैसी धाराएं शामिल हैं। अब इस मामले की पूरी सुनवाई कोर्ट में होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, जुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, सिंगापुर इवेंट के मैनेजर श्यामकनु महंता, उनके पुराने बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी और मशहूर असमिया गायिका अमृत प्रवा महंता पर हत्या से जुड़ी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत केस दर्ज हुआ है। (ये भी पढ़ें: बॉलीवुड सिंगर जुबीन गर्ग का 52 साल की उम्र में हुआ निधन, स्कूबा डाइविंग ने ली सिंगर की जान)

जुबीन गर्ग के डेथ केस में आया नया अपडेट (Image Source: Zubeen Garg Instagram)

लगीं ये धारा

रिपोर्ट के अनुसार, श्याम काणु महंता पर धारा 308(2) (जबरन वसूली), 318(4) (धोखाधड़ी और बेईमानी से बहला-फुसलाकर फायदा लेना) और 238 (सबूत मिटाने) के तहत आरोप लगाए गए हैं। वहीं सिद्धार्थ शर्मा और शेखर ज्योति गोस्वामी पर इसके अलावा धारा 316(5) (आपराधिक विश्वासघात) भी लगाई गई है। अमृत प्रवा महंता पर धारा 238 (सबूत मिटाने) का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा, जुबीन के चचेरे भाई और असम पुलिस के पूर्व अधिकारी संदीपन गर्ग पर धारा 105 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अन्य आरोपियों में दो पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड-परेश बैश्य और नंदेश्वर बोरा के नाम शामिल हैं। उन पर धारा 61(2) और 316(5) के तहत आरोप लगाए गए हैं।

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