CBFC New Rules: सेंसर बोर्ड के नए नियम लागू, हिंसा-ड्रग्स पर सख्ती

CBFC New Guidelines: करीब 35 साल बाद सेंसर बोर्ड के नियम बदले गए हैं। नई गाइडलाइंस में हिंसा, ड्रग्स, बच्चों, महिलाओं और अश्लील कंटेंट को लेकर कई बदलाव किए गए हैं।

करीब 35 साल बाद केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के फिल्मों को सर्टिफिकेट देने वाले नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 16 सितंबर को नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनसे 1991 से चले आ रहे नियम अब बदल गए हैं। हालांकि पुराने ज्यादातर नियमों को बरकरार रखा गया है, लेकिन ड्रग्स से जुड़े सीन और उम्र के हिसाब से फिल्म सर्टिफिकेशन को लेकर नए नियम जोड़े गए हैं। नए नियमों में हिंसा, बच्चों, महिलाओं और अश्लील कंटेंट को लेकर भी कई बातें साफ की गई हैं। (Times Now Navbharat पर ये भी पढ़ें-Lust Stories 3 Review: चार कहानियों में किरण राव ने मारी बाजी, अदिति-सिद्धार्थ ने खींचा ध्यान)

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सेंसर बोर्ड के नए नियम लागू (pic credit-cbfc)

सेंसर बोर्ड के नए नियम लागू

सेंसर बोर्ड के नए नियमों में फिल्मों में दिखाई जाने वाली हिंसा और अपराध को लेकर भी सख्ती की गई है। फिल्मों में हिंसा या समाज विरोधी कामों को बढ़ावा देने से बचना होगा। अपराध करने का तरीका भी इस तरह नहीं दिखाया जाना चाहिए, जिससे लोग उसे देखकर अपराध करने के लिए उत्साहित हों। बिना जरूरत हिंसा, मारपीट और डरावने सीन डालने से भी बचना होगा, खासकर जब उनका कहानी से कोई खास लेना-देना न हो और उन्हें सिर्फ मनोरंजन के लिए दिखाया गया हो। बच्चों को लेकर भी नए नियम काफी साफ हैं। फिल्मों में बच्चों को बिना जरूरत हिंसा का शिकार, हिंसा करने वाला या हिंसा देखने के लिए मजबूर होते हुए नहीं दिखाया जाना चाहिए। बच्चों के साथ मारपीट, गलत व्यवहार या शोषण से जुड़े सीन को भी सोच-समझकर दिखाना होगा। यानी बच्चों से जुड़े संवेदनशील सीन पर अब खास ध्यान दिया जाएगा।

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