Adipurush Controversy: फिल्म आदिपुरुष को लेकर पनपी आफत कम होने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार (19 जून, 2023) को देश के विभिन्न हिस्सों में इस फिल्म को लेकर भरसक विरोध देखने को मिला। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में फिल्म के पोस्टर फाड़े गए, जबकि राजधानी लखनऊ में पुलिस के पास निर्माताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। इस बीच, संत समाज की ओर से भी फिल्म पर बैन की मांग उठाई गई।
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतितकरण के लिए किया गया है। (क्रिएटिवः अभिषेक गुप्ता)
जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानन्द ने हरिद्वार में समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया, यह फिल्म एक अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र के तहत सनातन संस्कृति को बदनाम करने के लिए बनाई गयी है और भगवान श्री राम और हनुमान जी के चरित्रों द्वारा बोले गए संवाद वास्तव में बहुत ही निंदनीय हैं।
वहीं, महामंडलेश्वर स्वामी संतोषानंद ने 'आदिपुरुष' बनाने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग करते हुए कहा कि फिल्म में जिस प्रकार से किरदारों को फिल्माया गया है, वह सनातन परंपरा के विरुद्ध है, जबकि युवा भारत साधु समाज के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी रवि देव शास्त्री ने कहा कि 'आदिपुरुष' में दिखाए गए चरित्र हमारी संस्कृति से मेल नहीं खाते जबकि फिल्म में तथ्यों के साथ भी छेड़छाड़ की गई है।
उधर, विवाद के बीच केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि किसी को भी दूसरों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं है। सीबीएफसी (केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड) ने इस मुद्दे पर फैसला लिया है। यह उनका काम है। हालांकि, उन्होंने सीबीएफसी के फैसले के बारे में विस्तार से नहीं बताया। मंत्री के मुताबिक, ‘‘फिल्म के लेखक और निर्देशक ने भी कहा है कि वे (विवाद के बाद) जरूरी बदलाव करेंगे।’’
रामायण पर आधारित ओम राउत की ओर से बनाई गई फिल्म "आदिपुरुष" का इसके संवाद, खराब वीएफएक्स और कुछ पात्रों के विवादास्पद चित्रण के कारण विरोध हुआ है। मूवी में प्रभास, कृति सैनॉन, सैफ अली खान और सनी सिंह ने अहम किरदार निभाए हैं। यह थ्री डी फिल्म 16 जून को देशभर में रिलीज हुई थी।
हालांकि, विवाद के बाद इसके हिंदी संवाद लेखक मनोज मुंतशिर शुक्ला ने बताया था कि निर्माताओं ने "कुछ संवादों को संशोधित करने" का फैसला किया है और संशोधित पंक्तियों को इस सप्ताह तक फिल्म में जोड़ दिया जाएगा।
