हार का बदला जीत से...आज रामपुर में जब आकाश सक्सेना जीते तो यही एक लाइन इनपर सटीक बैठती है। आकाश की आजम खान के साथ दुश्मनी ऐसी रही कि पहले तो उन्हें कोर्ट में घसीटा और अब चुनावी मैदान में भी सीधे पटखनी दे दी है। यह जीत आकाश की उन सभी हार पर मलहम का काम करेगी, जो उन्होंने आजम से दुश्मनी मोल लेकर पाई है। इससे पहले आकाश सक्सेना, आजम खान के सामने चुनाव लड़े थे, लेकिन तब उन्हें हार मिली थी।
कौन हैं आकाश सक्सेना (Who is Akash Saxena)
आकाश सक्सेना को आज की तारीख में सबसे ज्यादा आजम खान को कोर्ट में घसीटने के लिए जाना जाता है। 2017 में जब सपा सत्ता से बाहर हुई और राज्य में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनी तो एक के बाद एक आजम के खिलाम मुकदमें सामने लगे। कई मामलों में आजम को आरोपी बनाया गया। इनमें से ज्यादातर वो मामले थे, जिसकी रिपोर्ट आकाश ने करवाई थी।
पिता चार बार बने विधायक
आकाश का परिवार राजनीति से पुराना संबंध रखता है। पिता शिव बहादुर सक्सेना स्वार क्षेत्र से चार बार विधायक रह चुके हैं। प्रदेश सरकार में मंत्री भी थे। वो भी भाजपा के टिकट पर ही। इसके बाद जब आकाश राजनीति में उतरे तो बीजेपी के साथ ही रहे।
2022 में मिली थी करारी हार
इसी साल 2022 में हुए यूपी विधानसभा चुनाव में आकाश, आजम खान के खिलाफ उतरे थे। तब आजम खान जेल में बंद थे। हालांकि तब आकाश को सफलता नहीं मिली और उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ गया।
हार का बदला जीत से
इसी साल जब आजम खान को एक मामले में जेल की सजा हो गई तो फिर से रामपुर सीट पर चुनाव की बिगुल बज गई। बीजेपी ने एक बार फिर से आकाश सक्सेना पर भरोसा जताया और उन्हें टिकट दिया। वहीं आजम ने अपने करीबी दोस्त असीम राजा को आकाश के मुकाबले में उतार दिया। आज जब मतगणना शुरू हुई तो शुरूआत से ही असीम आगे बने हुए थे, लेकिन अचानक से आकाश को बढ़त मिली और फिर वोटों का ये फासला बढ़ता ही चला गया।
