West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि भाजपा का संसद में "पतन" शुरू हो गया है और यह पश्चिम बंगाल में भी जारी रहेगा। ममता ने 2029 से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक को केंद्र द्वारा पारित कराने में नाकाम रहने के संदर्भ में यह बात कही।
सीएम ममता बनर्जी (फाइल फोटो: ANI)
हावड़ा के उलुबेरिया और दक्षिण 24 परगना के बरुइपुर, भंगोर और सोनारपुर में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए, बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि परिसीमन को महिला आरक्षण से जोड़ने का भाजपा का असफल प्रयास देश और बंगाल को विभाजित करने के "असल खेल" को उजागर करता है। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026' असल में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए नहीं था, बल्कि यह देश के चुनावी मानचित्र को फिर से तैयार करने और भाजपा को सत्ता में बने रहने में मदद करने के लिए एक राजनीतिक चाल थी।
"हम भाजपा को सत्ता से बेदखल कर देंगे"
ममता बनर्जी ने कहा, "यह विधेयक कभी भी महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए नहीं था। महिला आरक्षण विधेयक के नाम पर वे देश को और बंगाल को बांटना चाहते थे। मोदी का पतन कल से शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में हम भाजपा को सत्ता से बेदखल कर देंगे।" उन्होंने कहा, "कल यह साबित हो गया कि उनकी (भाजपा की) अब बहुमत वाली सरकार नहीं हैं। यह अल्पमत सरकार है, जो दो दलों के समर्थन से किसी तरह से चल रही है। दिल्ली में उन्हें करारी शिकस्त मिली है। अब बंगाल की जनता उन्हें फिर से शिकस्त देगी।" मुख्यमंत्री ने भाजपा की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में सहयोगी दलों पर निर्भरता की ओर इशारा करते हुए यह बात कही।
"यह महिलाओं का विधेयक नहीं था"
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के संसदीय चुनावों से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया। बनर्जी ने अपनी रैलियों में बार-बार सवाल किया कि महिलाओं के लिए आरक्षण को परिसीमन प्रक्रिया से क्यों जोड़ा जा रहा है। उन्होंने केंद्र पर अपने "असल खेल" के लिए महिला सशक्तीकरण की आड़ लेने का आरोप लगाया। महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग से अपने लंबे जुड़ाव को याद करते हुए बनर्जी ने कहा, "यह महिलाओं का विधेयक नहीं था। मैं 1998 से महिलाओं के लिए आरक्षण को लेकर संघर्षरत हूं। वे झूठ फैलाने के लिए मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं।"
परिसीमन को महिला आरक्षण विधेयक के साथ जोड़ने की क्या जरूरत?
तृणमूल प्रमुख ने कहा, "पार्टी के लोकसभा सदस्यों में लगभग 37 प्रतिशत और राज्यसभा सदस्यों में 46 प्रतिशत महिलाएं हैं। नरेंद्र मोदी को हमसे सीखना चाहिए।" बनर्जी ने सवाल किया, "परिसीमन को महिला आरक्षण विधेयक के साथ जोड़ने की क्या जरूरत थी? क्या वे खुद को बहुत चालाक समझते हैं? उन्होंने परिसीमन को महिला आरक्षण विधेयक की आड़ में इसलिए लाया क्योंकि नरेंद्र मोदी मौजूदा सीटों के साथ चुनाव नहीं जीत सकते। इसलिए वे लोकसभा की सीटों को बढ़ाकर लगभग 850 करना चाहते थे। यही उनकी असली चाल थी।" उन्होंने एक बंगाली मुहावरे का हवाला देते हुए आरोप लाया कि भाजपा एक कहीं अधिक बड़ा राजनीतिक मंसूबा छिपाने की कोशिश कर रही।
"हम बंगाल को बांटने नहीं देंगे"
तृणमूल प्रमुख ने कहा, "यह महिला आरक्षण विधेयक नहीं था। वे तय करते हैं कि मीडिया को क्या दिखाना चाहिए और क्या नहीं। महिला आरक्षण के पीछे भारत और बंगाल को बांटने की उनकी योजना थी।" उन्होंने कहा कि तृणमूल ने इसे भांपते हुए अपने अधिकांश सांसदों को संसद सत्र (तीन दिन की विशेष बैठक) में शामिल होने के लिए पत्र भेजा था। उन्होंने कहा, "यह देश को बांटने, बंगाल को बांटने और हर राज्य को बांटने की साजिश थी। मकसद लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाना था। हमने अपने 21 सांसदों को संसद भेजा क्योंकि यह मुद्दा महत्वपूर्ण था। हम बंगाल को बांटने नहीं देंगे।"
बनर्जी ने कहा, "परिसीमन के जरिए वे देश को बांटना चाहते थे। असली ’टुकड़े-टुकड़े’ गिरोह तो वे ही हैं। महिला आरक्षण विधेयक तो सिर्फ एक मुखौटा था।" उन्होंने कहा कि परिसीमन के बाद वे एनआरसी लाते और लोगों को निरूद्ध केंद्रों में भेज देते। उन्होंने कहा, "एसआईआर के नाम पर, वे पहले ही आपके मताधिकार छीन चुके हैं। उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटा दिए हैं। क्या आप नोटबंदी, आधार कार्ड और एनआरसी के बाद और भी कतारों में खड़ा होना चाहते हैं? आप पहले ही कई बार कतार में खड़े हो चुके हैं। अब भाजपा को कतार से बाहर निकालो।"
केंद्रीय एजेंसियों और सुरक्षा बलों का दुरुपयोग
सीएम ममता ने आगे कहा, "कल (शुक्रवार) वे संसद में पराजित हुए। कल (आगे) वे जमीनी स्तर पर हारेंगे। हमने उन्हें सबसे पहले बंगाल में (2021 में) हराया था। अब हमने दिल्ली को लक्षित किया है। बंगाल जीतने के बाद, हम लोकतांत्रिक तरीके से दिल्ली में काबिज होंगे।" बनर्जी ने भाजपा पर विधानसभा चुनावों के दौरान केंद्रीय एजेंसियों और सुरक्षा बलों का "दुरुपयोग" करने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की अपनी गरिमा है। हम केंद्रीय बलों के इस्तेमाल के जरिये बंगाल पर कब्जा करने की हर साजिश को नाकाम करेंगे। कल दिल्ली में नरेंद्र मोदी के पतन की शुरुआत हुई। बंगाल में चुनावी हार उनका दूसरा पतन होगा।’’ बनर्जी ने कहा, "नरेंद्र मोदी ने हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा किया था। इसका मतलब, 12 साल में 24 करोड़ नौकरियां हैं। वे नौकरियां कहां हैं? अकेले बंगाल में ही हमने दो करोड़ नौकरियां दी हैं।" उन्होंने कहा, "क्या आपके पास 15 लाख रुपये हैं? क्या काला धन वापस आ गया है? चुनाव के बाद वे पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतें फिर से बढ़ा देंगे।" मुख्यमंत्री ने भाजपा द्वारा वित्तीय सहायता के नाम पर डेटा एकत्र करने के प्रयासों के प्रति लोगों को आगाह किया। उन्होंने आरोप लगाया, "अब वे कह रहे हैं कि वे आपको 3,000 रुपये देंगे। उन फॉर्म को मत भरिए। वे आपके नाम और पते ले रहे हैं। फिर वे आपके खातों से पैसे निकाल लेंगे। वे धोखेबाज हैं।"
(भाषा - इनपुट)
