Bihar Elections 2025: बिहार में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए तरह-तरह के दावे कर रहे हैं। इस फेहरिस्त में भाकपा (माले)-लिबरेशन का नाम भी शामिल हो गया। भाकपा (माले)-लिबरेशन ने रविवार को दावा किया कि अगर विपक्षी महागठबंधन सत्ता में काबिज होता है तो बिहार में वक्फ (संशोधन) अधिनियम लागू नहीं होगा।
भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य (फाइल फोटो: ANI)
भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने रविवार को ज़ोर देकर कहा कि अगर महागठबंधन, जिसका वह एक घटक दल है, विधानसभा चुनाव जीतकर सत्ता में आता है, तो बिहार में विवादास्पद वक्फ (संशोधन) अधिनियम के कार्यान्वयन को रोक दिया जाएगा। महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद उम्मीदवार और राजद नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को कहा था कि अगर महागठबंधन सत्ता में आता है तो वक्फ (संशोधन) अधिनियम को कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा।
भाकपा (माले) के घोषणा पत्र में 65 फीसदी आरक्षण सहित कई वादे
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाकपा (माले)-लिबरेशन ने रविवार को अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया। घोषणापत्र में भूमिहीनों के लिए न्याय, लगभग 21 लाख एकड़ भूमि का पुनर्वितरण, किसानों व ग्रामीण मजदूरों के लिए कर्ज माफी और वंचित समुदायों को 65 प्रतिशत आरक्षण सहित कई वादे किए गए हैं।
भाकपा (माले) ने पुनर्वास के बिना किसी गरीब को विस्थापित न करने का भी वादा किया। पार्टी ने किसानों और बटाईदारों के लिए सभी फसलों की सरकारी खरीद, लाभकारी मूल्य की गारंटी, किसानों व ग्रामीण मजदूरों का कर्ज माफ, कृषि के लिए मुफ्त बिजली, हर खेत तक पानी, नहरों का आधुनिकीकरण, पहचान पत्र व अधिकारों की गारंटी, बटाईदारों की बेदखली पर रोक, कृषि उपज विपणन समिति ,(एपीएमसी कानून की बहाली सहित कई प्रावधानों का वादा किया है।
पार्टी ने महागठबंधन के वंचित समुदायों को 65 फीसदी आरक्षण देने व इसे नौवीं अनुसूची में शामिल करने के वादे को दोहराया। भाकपा (माले) ने साथ ही बिजली, राशन और पेंशन जैसी बुनियादी जरूरतों की गारंटी, दलितों और गरीबों के खिलाफ हिंसा, पुलिस ज्यादती और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पार्टी द्वारा किये गये अन्य वादों में 1500 रुपए मासिक वृद्धावस्था पेंशन, दो लाख रुपए तक के सभी कर्ज माफ, रसोइया, आशा, आंगनवाड़ी, ममता, जीविका व सफाईकर्मियों को नियमित वेतन और सरकारी दर्जा शामिल है। पार्टी ने मनरेगा के तहत 200 दिनों का रोजगार, 600 रुपए दैनिक मजदूरी और पुरानी पेंशन योजना की बहाली का भी वादा किया।
