Rajasthan Karanpur seat Voting: राजस्थान की करणपुर सीट पर आज उप चुनाव हो रहा है। इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी और तत्कालीन विधायक गुरमीत सिंह कुन्नर के निधन के बाद चुनाव टाल दिया गया था। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से पूर्व मंत्री सुरेंद्रपाल सिंह टीटी उम्मीदवार हैं जबकि कांग्रेस ने कुन्नर के बेटे रुपिंदर सिंह को प्रत्याशी बनाया है। खास बात यह है कि भाजपा ने अपनी सरकार में सुरेंद्रपाल सिंह को मंत्री बनाया है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान सिंह को मंत्री बनाए जाने पर कांग्रेस ने यह कहते हुए विरोध किया कि यह आचार संहिता का उल्लंघन है। इस सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है। सीट जीतने के लिए दोनों पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत लगाई है।
करणपुर सीट पर आठ जनवरी को आएंगे चुनाव नतीजे।
249 केंद्रों पर जारी मतदान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि करणपुर विधानसभा क्षेत्र में 249 मतदान केन्द्रों पर मतदान हो रहा है। उन्होंने बताया कि करणपुर विधानसभा क्षेत्र में 2,40,826 मतदाता है, जिनमें 1,25,850 पुरूष व 1,14,966 महिला तथा 10 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। 180 ‘सर्विस वोटर’ पंजीकृत हैं। उन्होंने बताया कि करणपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए 24 सेक्टर अधिकारी तैनात किए गए हैं जबकि 10 रिजर्व में रखे गए हैं। करणपुर एवं पदमपुर के लिए दो एरिया मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं।
विधानसभा की 199 सीटों पर गत 25 दिसंबर को हुआ मतदान
गुप्ता ने बताया कि इस विधानसभा क्षेत्र में नौ अक्टूबर 2023 से अब तक कुल 10.03 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के सामान जब्त किए गए हैं। इनमें से 14 लाख रुपये की नकदी, करीब 38.88 लाख की शराब, 9.33 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ एवं 15 लाख रुपये से अधिक कीमत की अन्य सामग्री शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य में विधानसभा की 200 में से 199 सीटों के लिए 25 नवंबर को मतदान हुआ। इसका परिणाम तीन दिसंबर को घोषित किया गया।
कांग्रेस उम्मीदवार का हुआ था निधन
इसमें भाजपा को 115 व कांग्रेस को 69 सीटें मिलीं। करणपुर गंगानगर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी और तत्कालीन विधायक गुरमीत सिंह कुन्नर के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया था। यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से पूर्व मंत्री सुरेंद्रपाल सिंह टीटी उम्मीदवार हैं जबकि कांग्रेस ने कुन्नर के बेटे रुपिंदर सिंह को प्रत्याशी बनाया है।सत्तारूढ़ भाजपा ने सुरेन्द्रपाल सिंह टीटी को 30 दिसंबर को बतौर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मंत्रिपरिषद में शामिल किया। कांग्रेस ने इसकी आलोचना की। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे 'आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन एवं वहां के मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास' बताया था।
