बिहार विधानसभा चुनाव में गूंज रहे यूपी के मुद्दे, बढ़ा रहे सियासी तापमान

सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने पूर्वी चंपारण में आयोजित सभा में कहा कि बिहार में भाजपा का सफाया तय है। यूपी के एक 'एकरंगी' नेता को नाम बदलने की बीमारी है, वे हर चीज बदलते हैं, नाम, वेशभूषा और यहां तक कि विचार भी। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अब यूपी की जनता उन्हें बदलने वाली है।

Bihar Assembly Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार में इस बार उत्तर प्रदेश की गूंज साफ सुनाई दे रही है। सत्तारूढ़ भाजपा से लेकर समाजवादी पार्टी तक, हर दल के नेता बिहार की जनता को अपने-अपने यूपी मॉडल का हवाला दे रहे हैं। यूपी के बुलडोजर से लेकर सड़कों और कानून व्यवस्था तक, बहसें बिहार के मंचों पर गूंज रही हैं। सियासी जानकार मानते हैं कि यह चुनाव 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की रणनीति का भी रिहर्सल बनता जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री और कई मंत्री बिहार में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उनकी सभाओं में यूपी के विकास, कानून-व्यवस्था और राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और प्रयागराज कुंभ जैसे उदाहरण प्रमुखता से गूंज रहे हैं।

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बिहार विधानसभा चुनाव। तस्वीर-PTI

सीएम योगी बोल रहे सपा पर हमले

वहीं, विपक्षी दल इन दावों को चुनौती देते हुए दलितों-पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न, नाम बदलने की राजनीति और माफिया संरक्षण जैसे मुद्दे उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोहिउद्दीननगर में चुनावी सभा में कहा कि समाजवादी पार्टी ने रामभक्तों पर गोली चलाई थी, कांग्रेस के नेता आज छठ मैया पर सवाल उठा रहे हैं। यूपी में हमने सिर्फ नाम नहीं बदले, बल्कि काम से प्रदेश का नाम दुनिया में रोशन किया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बन रहा है, काशी में विश्वनाथ धाम तैयार है और प्रयागराज में दिव्य कुंभ का आयोजन हुआ।

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