सीट सिर्फ दो लेकिन लड़ाई बड़ी, यूपी में सत्ता और विपक्ष दोनों के लिए लिटमस टेस्ट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 13, 2022, 03:00 PM IST

दिसंबर के महीने में यूपी में दो सीटों मैनपुरी लोकसभा और रामपुर विधानसभा के लिए मतदान होना है। इन दोनों जगहों के नतीजों को सत्ता और विपक्ष के लिए लिटमस टेस्ट की तरह देखा जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में दो सीटों पर विधानसभा और एक सीट में लोकसभा के उपचुनाव होने हैं। यह चुनाव सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए लिटमस टेस्ट साबित होंगे। 2024 में यहां लोकसभा चुनाव होने है। ऐसे में उपचुनाव के परिणाम पार्टियों की दशा और दिशा तय करने में सहायक होंगे।मैनपुरी में मुलायम की विरासत और रामपुर में आजम की सियासत दांव पर है। खतौली सीट विधायक की सदस्यता जाने से उसे वापस लेने का दबाव भाजपा पर है। राजनीतिक पंडितों की मानें तो भाजपा और सपा के लिए यह तीनों सीटों के उपचुनाव परसेप्शन की लड़ाई है। मैनपुरी सीट की बात करें तो इस सीट पर यादव बाहुल्य होने के कारण बीते ढाई दशक से मुलायम परिवार का कब्जा रहा है। भाजपा 2024 के हिसाब से यादव लैंड कहे जाने वाले इन क्षेत्रों पर काफी दिन से काम कर रही है। इसी कारण उसने पहले एटा से हरनाथ यादव को राज्यसभा भेजने के बाद सुभाष यदुवंश को युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया था। फिर एमएलसी बनाकर इस वोट बैंक को अपनी ओर खींचने के प्रयास में लगी है।

बीजेपी, लक्ष्य- 80 सीट

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