Bihar Election Agenda: बिहार विधानसभा चुनाव 2024 अब अपने अंतिम चरण में है। 6 और 11 नवंबर को मतदान संपन्न होने के बाद आज यानी 14 नवंबर को मतगणना होने वाली है। कुछ ही देर में यह साफ हो जाएगा कि बिहार की सत्ता पर NDA का कब्जा जारी रहेगा या महागठबंधन वापसी करेगा। इस बार चुनाव बेहद प्रतिस्पर्धी रहा, जहां दोनों गठबंधनों ने पूरी ताकत झोंक दी। नतीजे आने से पहले यह समझना जरूरी है कि आखिर किन मुद्दों पर इस चुनावी लड़ाई की बुनियाद रखी गई। दोनों दलों ने अपने घोषणापत्रों के जरिए जनता से वादे किए, जिनके सहारे चुनाव लड़े गए, आइए देखते हैं।
किन मुद्दों से गरमाया रहा चुनाव का माहौल (Images Credit: PTI)
NDA का फोकस
- NDA ने अपने घोषणापत्र में रोजगार के व्यापक अवसर, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और कृषि सुधारों को मुख्य आधार बनाया। गठबंधन ने एक करोड़ सरकारी नौकरियां देने का बड़ा वादा करके युवाओं को आकर्षित करने की कोशिश की। इसके साथ ही राज्य में व्यापक स्तर पर स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोलने और प्रशिक्षण व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि नए रोजगार सृजन को गति मिल सके।
- महिला सशक्तिकरण NDA की रणनीति के केंद्र में रहा। घोषणापत्र में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत दो लाख रुपये की सहायता, तथा राज्य में एक करोड़ ‘लखपति दीदी’ तैयार करने का मिशन शामिल किया गया। महिलाओं के लिए कौशल आधारित उद्यमिता कार्यक्रमों का विस्तार भी वादों का हिस्सा रहा।
- किसानों को राहत देने के लिए NDA ने कृषि क्षेत्र में बड़े सुधारों का खाका पेश किया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत नौ हजार रुपये वार्षिक सहायता, पंचायत स्तर पर मुख्य फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की गई। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधार का खाका रखा गया, हर सबडिवीजन में नया कॉलेज खोलने, जिला स्तर पर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल स्थापित करने और हर विधानसभा क्षेत्र में पशु सेवा एम्बुलेंस की सुविधा सुनिश्चित करने की बात कही गई।
महागठबंधन का एजेंडा
- महागठबंधन ने बिहार के चुनाव को रोजगार के मुद्दे पर केंद्रित रखने की कोशिश की। उनके घोषणापत्र की सबसे बड़ी घोषणा हर परिवार को एक सरकारी नौकरी सुनिश्चित करने के लिए नया कानून लाने की थी। इसके साथ ही 20 लाख सरकारी और निजी नौकरियां सृजित करने तथा संविदाकर्मियों को नियमित करने का वादा किया गया। रोजगार आयोग के गठन की घोषणा भी युवाओं को संदेश देने के उद्देश्य से की गई।
- महिलाओं के लिए महागठबंधन की “माई-बहिन मान योजना” सबसे प्रमुख वादा रही, जिसके तहत महिलाओं को महीना 2,500 रुपये और अगले पांच वर्षों तक 30,000 रुपये वार्षिक सहायता देने की बात कही गई। महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर प्रखंड में महिला कॉलेज खोले जाने की योजना शामिल की गई।
- किसानों के लिए घोषणापत्र में कर्ज माफी, मुफ्त सिंचाई बिजली, राष्ट्रीय मानक से अधिक MSP, फसल बीमा और फसल मूल्य के प्रत्यक्ष भुगतान जैसी घोषणाएँ की गईं। इसके अलावा औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए नए औद्योगिक हब, कृषि-औद्योगिक क्लस्टर, खाद्य और स्वास्थ्य हब और निर्यात संवर्धन क्षेत्र के निर्माण की बात कही गई।
- सामाजिक सुरक्षा के तहत संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, और दिव्यांगों व वृद्धों की पेंशन में वृद्धि की घोषणा भी महागठबंधन के एजेंडे का हिस्सा रही। शिक्षा सुधार के तहत 136 ब्लॉकों में नए डिग्री कॉलेज खोलने और प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस समाप्त करने का वादा किया गया।
सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी, जिसके लिए राज्य के 38 जिलों में कुल 46 मतगणना केंद्र स्थापित किए गए हैं। सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की जाएगी, जिसे 8:30 बजे तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद EVM खोली जाएंगी और रुझान आने शुरू होंगे। हर मतगणना केंद्र पर 14 टेबल लगाए गए हैं, जिन पर एक राउंड में 14 EVM की गिनती की जाएगी। दोपहर तक 2,616 उम्मीदवारों की सीटों का रुझान स्पष्ट हो जाएगा और चुनाव परिणाम की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी
