इस चुनाव यूपी-बिहार में नहीं गली छोटे दलों की दाल, सौदेबाजी में नाकामी, अरमानों पर फिरा पानी

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Apr 12, 2024, 02:03 PM IST

Lok Sabha Election 2024: हर चुनावी मौसम में बिहार और उत्तर प्रदेश की छोटी पार्टियां एनडीए या इंडिया ब्लॉक का हिस्सा बनने के लिए कड़ी सौदेबाजी करती हैं। लेकिन इस बार नजारा बदला-बदला सा है।

Smaller Parties in Lok Sabha Election 2024: एक दौर वो भी था जब हर चुनावों में छोटी पार्टियों का डंका बजा करता था। खासकर यूपी और बिहार में ऐसे दलों की तूती बोला करती थी। छोटे दल अपनी शर्तों पर बड़े दलों से समझौते करते थे। बड़ी पार्टियां भी इन्हें सिर आंखों पर बिठाकर रखती थीं। उस दौर के सियासी हालात का छोटे दलों ने जमकर फायदा उठाया। छोटे दलों के नेताओं ने खुद का और परिवार का खूब भला किया। लेकिन इस चुनाव में वो दौर बीत गया सा लगता है। अब छोटे दलों को सिर पर बिठाने वाला कोई नहीं है। कभी एनडीए तो कभी इंडिया गठबंधन के बीच डोलते-डोलते ये घाटे का सौदा कर बैठे। मजबूरी ऐसी आई कि इन्हें मन मसोसकर दूसरे दलों से समझौता करना पड़ा।

Election 2024 and smaller parties

छोटी पार्टियों का दबदबा हुआ कम

पप्पू यादव को लगा झटका

हर चुनावी मौसम में बिहार और उत्तर प्रदेश की छोटी पार्टियां एनडीए या इंडिया ब्लॉक का हिस्सा बनने के लिए कड़ी सौदेबाजी करती हैं। लेकिन इस बार नजारा बदला-बदला सा है। बड़े-बड़े दावे करने वाले छोटे दलों के नेता बैकफुट पर हैं। इनका सियासी भविष्य ही संकट में नजर आने लगा है। बात करें बिहार में जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव की तो उनकी स्थिति अजब हो गई है। हाल ही में पूर्णिया लोकसभा सीट पाने की उम्मीद से उन्होंने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया। लेकिन यह सीट लालू यादव की राजद के खाते में चली गई। उसने इस सीट से बीमा भारती को मैदान में उतार दिया है। इससे झटका खाए पप्पू यादव गठबंधन के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए फिर चुनावी मैदान में उतर आए हैं। उन्होंने पूर्णिया से निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया।

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