बिहार चुनाव में खूब चले ये नारे, अपनी बात लोगों तक पहुंचाने में दलों ने जमकर छोड़े चुटीले 'तीर'

इस बार बिहार चुनाव में '25 से 30 फिर से नीतीश' नारे की खूब चर्चा हुई। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने अपनी चुनावी रैलियों में इस नारे को खूब प्रचारित और प्रसारित किया। भाजपा सहित एनडीए के नेता जनता से यह वादा करते दिखे कि फिर से सरकार बनने पर नीतीश कुमार ही राज्य के मुख्यमंत्री होंगे।

Slogans in Bihar Election 2025: नारे केवल चुनाव नहीं जितवा सकते लेकिन बिना नारों के भारत में चुनाव भी मुमकिन नहीं है। सत्ता तक पहुंचाने में चुनावी नारों की बड़ी भूमिका रही है। खासतौर से इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी, लालू यादव और नरेंद्र मोदी को सत्तासीन कराने में चुनावी नारों का योगदान काफी ज्यादा रहा। बदलते समय के हिसाब से नारों ने भी अपना रूप, रंग और कलेवर बदला लेकिन इनकी तासीर कम नहीं हुई। हालिया, संपन्न बिहार चुनाव में भी नारों की रंगत खूब देखने को मिली। लोगों से सीधे जुड़ने, कम शब्दों में अपनी बात सीधे उन तक पहुंचाने, विरोधियों पर कटाक्ष और वोटरों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए सभी दलों ने एक से बढ़कर एक प्रभावी और चुटीले नारे गढ़े। यहां हम इस बार बिहार चुनाव में इस्तेमाल नारों की चर्चा करेंगे-

Bihar slogans

बिहार चुनाव में इस बार भी जमकर चले चुनावी नारे।

'25 से 30 फिर से नीतीश'

इस बार बिहार चुनाव में '25 से 30 फिर से नीतीश' नारे की खूब चर्चा हुई। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने अपनी चुनावी रैलियों में इस नारे को खूब प्रचारित और प्रसारित किया। भाजपा सहित एनडीए के नेता जनता से यह वादा करते दिखे कि फिर से सरकार बनने पर नीतीश कुमार ही राज्य के मुख्यमंत्री होंगे। भाजपा का इस नारे पर खासा जोर रहा। यही नहीं भाजपा ने मतदाताओं को राजद के 'जंगलराज' की याद दिलाने के लिए 'विकास बनाम विनाश' और 'फिर एक बार सुशासन की सरकार, जंगलराज को दूर रखेगा बिहार' के नारे दिए। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने '25 से 30, हमारे दो भाई नरेंद्र और नीतीश' का नारा भी लगाया।

End of Feed