Saran Lok Sabha Election 2024: सारण लोकसभा सीट पर बार सबकी नजर। ये सीट इसलिए भी खास है क्योंकि पहली बार लालू प्रसाद यादव यहीं से सांसद चुने गए थे। उन्होंने भाजपा के राजीव प्रताप रूडी को पटखनी दी थी। लालू से हार के बाद रूडी दो बार इस सीट से सांसद चुने गए। अब वह एक बार फिर सारण सीट से ताल ठोक रहे हैं और यहां दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है।
सारण सीट पर घमासान
रोहिणी आचार्य से मुकाबला
पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी का मुकाबला इस बार लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य से हो रहा है। राष्ट्रीय जनता दल ने रोहिणी को इस सीट से उतारा है, जबकि भाजपा ने दो बार से सांसद रूडी पर फिर भरोसा दिखाया है। राजीव प्रताप का मानना है कि सारण में रोहिणी नहीं, बल्कि उनका मुकाबला लालू यादव से है।
सारण सीट का इतिहास
वर्ष 2002 में परिसीमन आयोग के गठन के बाद 2008 में ये क्षेत्र अस्तित्व में आया। परिसीमन से पहले यह क्षेत्र छपरा लोकसभा सीट का चुनावी हिस्सा था। परिसीमन के बाद 2009 में इस सीट पर पहली बार लोकसभा चुनाव हुए। पहले चुनाव में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू यादव ने अपनी किस्मत आजमाई। सामने थे भाजपा के राजीव प्रताप रूडी। इस मुकाबले में लालू ने 50 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की थी।
लालू परिवार की प्रतिष्ठा दांव पर
इसके बाद आरजेडी को दोबारा इस सीट से कभी जीत हासिल नहीं हुई। साल 2014 के चुनाव में खुद लालू की पत्नी राबड़ी देवी ने इस सीट से चुनाव लड़ा था। लेकिन राजीव प्रताप रूडी ने 35 हजार से अधिक वोटों से हरा दिया। रूड़ी ने 2019 में भी जीत का सिलसिला बरकरार रखा और आरजेडी के चंद्रिका राय को 1 लाख 38 हजार से अधिक वोटों से शिकस्त दी। चंद्रिका राय तेज प्रताप यादव के ससुर हैं। अब एक बार फिर लालू परिवार से ही किसी को टिकट मिला है और उनकी बेटी रोहिणी आचार्य मैदान में हैं। रोहिणी का मुकाबला इस सीट से दो बार के सांसद से हो रहा है, ऐसे में ये लड़ाई बेहद दिलचस्प हो गई है। 4 जून को ही पता चलेगा कि जनता ने किस पर अपना भरोसा जताया है।
