Congress in Tension: लोकसभा चुनाव से पहले सियासी महकमे का तापमान हाई हो चुका है। सभी पार्टियां अपनी-अपनी ताकत झोंकने में जुटी हुई हैं। इसी बीच कर्नाटक में कांग्रेस हाई अलर्ट पर है। राज्यसभा चुनाव से पहले पार्टी जरा भी लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है। सत्ताधारी दल को इस कदर टेंशन सता रही है कि उसने अपने विधायकों को होटल में ठहराने का प्लान तैयार किया है।
कर्नाटक में कांग्रेस की टेंशन में इजाफा।
अपने विधायकों को होटल में ठहराएगी कांग्रेस
राज्यसभा चुनाव से पहले एकजुटता को सुनिश्चत करने के स्पष्ट मकसद से कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस के सभी विधायक राज्य विधानसभा के बजट सत्र के समापन के बाद यहां स्थित एक होटल में सोमवार को एकसाथ ठहरेंगे और अगले दिन मतदान करने के लिए एकसाथ जाएंगे। यह खुलासा कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष ने 27 फरवरी को राज्य में राज्यसभा की चार सीट के लिए होने वाले चुनाव के बारे में संवाददाताओं से बातचीत में किया।
वोटिंग से पहले सावधान रहने की कही बात
उन्होंने कहा, 'हमें सावधान रहना होगा... सभी विधायक होटल में एक साथ रहेंगे, हम (मंगलवार को विधानसभा में) मतदान करने के लिए एक साथ आएंगे। हमारे पास अतिरिक्त वोट हैं। हम अपनी पार्टी की सुरक्षा के लिए जो भी आवश्यक होगा वह करेंगे पार्टी। अन्य लोग भी हमारे संपर्क में हैं। मैं इसका खुलासा नहीं करना चाहता।'
दो मंत्रियों सहित आठ पार्टी नेताओं को सौंपा काम
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सोमवार दोपहर साढ़े तीन बजे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और पार्टी कोषाध्यक्ष अजय माकन की मौजूदगी में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को मतदान के लिए सभी विधायकों को एक बस में होटल से विधान सौध, जहां राज्य विधानमंडल और सचिवालय है, ले जाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि दो मंत्रियों सहित आठ पार्टी नेताओं को विधायकों के साथ समन्वय का काम सौंपा गया है।
भाजपा के इस फैसले से कांग्रेस में तेज हुई हलचल
कर्नाटक में राज्यसभा चुनाव का माहौल गर्म हो गया है और भाजपा-जद(एस) गठबंधन ने अपना दूसरा उम्मीदवार उतार दिया है, हालांकि गठबंधन के पास चार में से केवल एक सीट जीतता दिख रहा है। सत्तारूढ़ कांग्रेस के 224 सदस्यीय विधानसभा में 135 विधायक हैं। कांग्रेस को सर्वोदय कर्नाटक पक्ष के दर्शन पुत्तनैया और दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन से तीन सीट अपने पास बरकरार रखने की उम्मीद है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जद(एस) के पास क्रमश: 66 और 19 विधायक हैं और दोनों दल मिलकर एक सीट जीतने की स्थिति में हैं।
(भाषा)
