बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जनसुराज संस्थापक प्रशांत किशोर अब तेजस्वी यादव के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेंगे। प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव के खिलाफ राघोपुर से विधानसभा चुनाव लड़ने का संकेत दिया था, लेकिन अब जनसुराज ने ही फाइनल कर दिया है कि प्रशांत किशोर, तेजस्वी के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेंगे। जनसुराज ने राघोपुर से अपने कैंडिडेट की घोषणा कर दी है। जन सुराज ने राघोपुर विधानसभा सीट से चंचल सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है।
तेजस्वी यादव बनाम प्रशांत किशोर की कहानी खत्म (फोटो- jansuraajofficial & tejashwiyadav)
राघोपुर से नहीं उतरेंगे प्रशांत किशोर
जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने वैशाली जिले की राघोपुर सीट से चंचल सिंह को पार्टी का चुनाव चिह्न सौंपा। इस मौके की एक तस्वीर पार्टी की ओर से सोशल मीडिया पर साझा की गई। पार्टी ने क्रमश: 51 और 65 उम्मीदवारों की दो सूची संवाददाता सम्मेलन में जारी की थी। इसके उलट राघोपुर सीट पर उम्मीदवार की घोषणा सोशल मीडिया के माध्यम से की गई।
राघोपुर है लालू परिवार का गढ़
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव इस बार राघोपुर से लगातार तीसरी बार जीत का लक्ष्य लेकर चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। हाल के दिनों में अटकलें थी कि तेजस्वी यादव इस बार किसी दूसरी सीट, संभवतः मधुबनी जिले की फुलपरास विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ सकते हैं। फुलपरास सीट से 1977 में कर्पूरी ठाकुर निर्वाचित हुए थे, जिन्होंने बाद में बिहार के मुख्यमंत्री बनकर पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण व्यवस्था लागू की थी। कर्पूरी ठाकुर ने पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण की व्यवस्था मंडल आयोग की सिफारिशों से कई साल पहले की थी।
क्या बोले थे प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर से इस संभावना के बारे में पूछा गया था, तो उन्होंने कहा था, “अगर तेजस्वी यादव दूसरी सीट से भी लड़ते हैं, तो राघोपुर में निश्चित रूप से हारेंगे जैसे उनके सहयोगी राहुल गांधी 2019 में वायनाड से जीते थे, लेकिन अमेठी में हार गए थे।” जन सुराज पार्टी ने यह स्पष्ट किया है कि वह बिहार विधानसभा की सभी 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। हालांकि, पार्टी ने अभी तक फुलपरास से अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।
