Narendra Modi: गुरुवार को राजस्थान के चुनावी रण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे। पीएम मोदी ने संबोधन में महिलाओं और बहन बेटियों के खिलाफ हो रहे अत्याचार और अपराध को लेकर गहलोत सरकार को घेरा। पीएम ने मंच से कहा कि कांग्रेस की सरकार में राजस्थान के लोगों के साथ मानवता को शर्मसार करने वाली वारदातें हो रही हैं। कांग्रेस सरकार, महिलाओं के खिलाफ अपराध को काबू कर पाने में पूरी तरह नकारा साबित हुई है। कानून-व्यवस्था के सवाल पर कांग्रेस के मंत्री मजाक उड़ाते हुए कहते हैं कि ये मर्दों का प्रदेश है। आपने न सिर्फ राजस्थान की औरतों का, बल्कि राजस्थान के पुरुषों का भी अपमान किया है।
राजस्थान के अपराध पर पीएम ने गहलोत को घेरा।
पीएम ने कहा कि कांग्रेस की यही असली सोच है। वहीं, भाजपा, राजस्थान की हर बेटी-बहू को ये विश्वास दिलाती है कि उसे सम्मान से जीने और सुरक्षित माहौल में घर से निडर होकर निकलने का अवसर मिलेगा, और ये मोदी की गारंटी है। बता दें कि राजस्थान में बेटियों के साथ बर्बरता की घटनाएं सत्तारूढ़ कांग्रेस के लिए चुनावों में बड़ा संकट बन गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तक अपनी सभाओं में बेटियों के साथ हुई बर्बरता को लेकर गहलोत सरकार को निशाने पर ले रहे हैं। पीएम मोदी के इस आरोप के बाद ये जानना जरूरी है कि राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले और आंकड़े क्या बताते हैं?
इन घटनाओं से हिल गया राजस्थान
भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी कस्बे में 3 अगस्त को 14 साल की नाबालिग बालिका के साथ गैंगरेप के बाद उसे कोयले के भट्टी में जिंदा जलाने की घटना ने सभी को हिलाकर रख दिया था और इस घटना ने राजस्थान की कानून व्यवस्था की पोल खोल दी थी। इस घटना को एक माह भी नहीं बीता था कि दो सितंबर को प्रतापगढ़ जिले के धरियावद थाना क्षेत्र के पहाड़ा गांव में एक आदिवासी महिला को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया गया।
राजस्थान की कानून व्यवस्था कटघरे में
11 जुलाई को करौली जिले के नादौती तहसील के भीलपाड़ा गांव में एक दलित युवती को गैंगरेप के बाद हत्या और शव को तेजाब से जलाकर कुएं में फेंका गया। उससे पहले 20 जून को बीकानेर जिले के खाजूवाला क्षेत्र में एक दलित बालिका के साथ गैंगरेप और हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया। वहीं इस साल डूंगरपुर में भी एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल की बेहद शर्मनाक करतूत सामने आई। इसमें प्रिंसिपल रमेश चंद कटारा ने अपनी ही स्कूल में पढ़ने वाली आधा दर्जन से अधिक नाबालिग छात्रों के साथ उनका यौन शोषण करने का सनसनीखेज मामला सामने आया। एनसीआरबी के आंकडों के अनुसार राजस्थान में बर्बरता का आलम ये है कि दुष्कर्मियों ने 5 साल तक की अबोध बालिकाओं और 60 वर्ष से अधिक उम्र की बुजुर्ग महिलाओं तक को नहीं छोड़ा
ना बेटियां सुरक्षित, ना बुजुर्ग महिलाएं
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में राजस्थान में बलात्कार के 6,342 मामले सामने आए। 18 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाओं के मामलों में राजस्थान की स्थिति बेहद चिंताजनक है। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार देश में 18 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ बलात्कार की 2,989 घटनाएं हुई जिसमें से 1,453 घटनाएं अकेले राजस्थान में सामने आई। राजस्थान में बलात्कार की चार घटनाएं 60 साल से अधिक उम्र की बुजुर्ग महिलाओं के साथ हुई हैं। वहीं हैरानी की बात ये है कि राजस्थान में 30 वर्ष से कम उम्र की 3265 महिलाओं के साथ रेप की घटनाएं हुई हैं।
