बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फिर साफ किया है कि उन्हें सत्ता और पद को लेकर आस नहीं है। जेडी(यू) के वरिष्ठ नेता ने इस दौरान केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर भी जुबानी प्रहार किया। कहा कि मौजूदा सरकार सिर्फ प्रचार के भरोसे है। ये बातें कुमार ने सोमवार शाम को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कहीं। वह इस दौरान सूबे के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से मिलने पहुंचे थे। साल 2024 के आम चुनाव के पहले मोदी विरोधी नीतीश विपक्षी खेमे में एकजुटता लाने के प्रयास के तहत यादव के पास पहुंचे।
नीतीश कुमार,अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव।
यूपी की राजधानी में कुमार ने कहा- अगले लोकसभा चुनाव में ‘जनविरोधी’ भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए विपक्षी दलों को अधिक से अधिक संख्या में एकजुट करने का प्रयास है। देश के इतिहास को बदलने की कोशिश हो रही है। मौजूदा सरकार केवल प्रचार के भरोसे है। अखिलेश और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की मौजूदगी में कुमार ने यह भी कहा, "मुझे सत्ता और पद की कोई लालसा नहीं। मेरा प्रयास देश की भलाई के लिए काम करना है।"
#WATCH | Lucknow, UP: They (BJP) want to change the history of India. They must know the history. They are not doin… t.co/tFBaPyM9EJ
— ANI (@ANI) Apr 24, 2023
#WATCH | Bihar CM Nitish Kumar and Deputy CM Tejashwi Yadav arrive at the Samajwadi Party (SP) office in Lucknow, U… t.co/D2P894zPCc
— ANI (@ANI) Apr 24, 2023
देखें, कैसे यूपी के पूर्व सीएम ने नीतीश का स्वागत कियाः
वैसे, लखनऊ से पहले वह दोपहर को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में थे, जहां उन्होंने बंद कमरे में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के साथ बंद कमरे में मंत्रणा की। भेंट के बाद वे मीडिया के सामने आए और संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में उसे ‘‘सकारात्मक’’ करार दिया।
राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में मीटिंग के बाद कुमार बोले, ‘‘बेहद सकारात्मक बातचीत हुई। विपक्षी दलों को एकसाथ बैठकर रणनीति तैयार करने की जरूरत है।’’ वहीं, बनर्जी ने बताया, ‘‘हमें यह संदेश देना है कि हम सभी एक साथ हैं।’’
सबसे रोचक बात है कि सोमवार को हुईं इन दोनों ही मुलाकातों के दौरान नीतीश और तेजस्वी किनारे नजर आए, जबकि बीच वाली कुर्सी पर पहले ममता और दूसरे मौके पर अखिलेश दिखे। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बैठक को बेकार की कवायद बताते हुए कहा कि इस तरह के अवसरवादी गठबंधन का कोई परिणाम नहीं निकलेगा। (पीटीआई-एएनआई इनपुट्स के साथ)
