नीतीश कुमार का पहला चुनाव, जब अपने ही गृहनगर में हार गए थे सुशासन बाबू, फिर खाई थी 'कसम'- सत्ता प्राप्त करूंगा

नीतीश कुमार का जन्म 1 मार्च 1951 को बिहार के बख्तियारपुर में हुआ। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा। वे 1970 के दशक में जयप्रकाश नारायण के ‘सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन’ से जुड़े और यहीं से उनकी राजनीतिक पारी की शुरुआत हुई।

नीतीश कुमार, बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री, पूर्व रेल मंत्री, जय प्रकाश नारायण के शिष्य, कई बार के सांसद, कई बार के विधायक...ऐसी कई उपलब्धियां हैं जो उनके नाम दर्ज है, लेकिन नीतीश कुमार की राजनीति की शुरुआत कुछ अच्छी नहीं रही थी। जेपी आंदोलन के बाद जब नीतीश कुमार राजनीति में उतरे तो उन्हें झटके पर झटके लगे थे, जबकि उनके साथी लालू प्रसाद यादव लगातार आगे बढ़ रहे थे। लालू यादव जहां सांसद और विधायक बन चुके थे, वहीं नीतीश कुमार अपना पहला और दूसरा दोनों चुनाव हार गए थे, लेकिन फिर नीतीश कुमार ने ऐसे झंडे गाड़े कि लालू उनसे काफी पीछे छूट गए और नीतीश का सितारा आजतक बुलंद रहा। हार के बाद नीतीश ने एक ऐसी कसम खाई थी, जिसके बाद वो लगातार राजनीति में कामयाबी की सीढ़ी चढ़ते गए।

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