मैनपुरी:बहू और शिष्य की लड़ाई में चाचा का खेला !अखिलेश कर पाएंगे मैनेज

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Nov 15, 2022, 02:24 PM IST

Mainpuri By Election 2022: रघुराज शाक्य पुराने समाजवादी रहे हैं, वह अपने आपको अक्सर मुलामयवादी भी कहा करते थे। यही नहीं मुलायम सिंह परिवार के भी करीबी रहे हैं। वह समाजवादी पार्टी के टिकट से 1999 और 2004 में सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा वह सपा के 2012 में विधायक भी रह चुके है।

KEY HIGHLIGHTS
  • चाचा शिवपाल यादव का क्या रुख क्या होता है, इस पर बहुत कुछ चुनाव के नतीजा निर्भर करेगा।
  • रघुराज शाक्य शिवपाल यादव के भी काफी करीबी रहे हैं।
  • 2022 में टिकट नहीं मिलने पर रघुराज शाक्य ने भाजपा ज्वाइन कर ली थी।

BJP Candidate from Mainpuri By Election 2022: जद (यू) और दूसरे विपक्ष दलों की मांग को दरकिनार करते हुए भाजपा ने मैनपुरी लोक सभा सीट के लिए अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है। भाजपा ने मुलायम सिंह यादव के शिष्य और अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव के करीबी रहे रघुराज शाक्य को डिंपल यादव के खिलाफ मैदान में उतार दिया है। रघुराज शाक्य को टिकट देकर भाजपा ने मैनपुरी की लड़ाई को रोचक बना दिया है। अब मैनपुरी की लड़ाई, सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की बहू और उनके शिष्य राघुराज शाक्य के बीच होगी। जिसमें सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव का भी तड़का लगेगा।

Dimple Yadav Vs BJP Raghuraj shakya

मैनपुरी में कौन मारेगा बाजी

कौन हैं रघुराज शाक्य

रघुराज शाक्य पुराने समाजवादी रहे हैं, वह अपने आपको अक्सर मुलामयवादी भी कहा करते थे। यही नहीं मुलायम सिंह परिवार के भी करीबी रहे हैं। वह समाजवादी पार्टी के टिकट से 1999 और 2004 में सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा वह सपा के 2012 में विधायक भी रह चुके है। रघुराज शाक्य अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव के भी काफी करीबी रहे हैं। यही नहीं जब शिवपाल यादव ने समाजवादी पार्टी से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का गठन किया तो वह अखिलेश यादव का साथ छोड़ शिवपाल के साथ चले गए थे। लेकिन जब 2022 के यूपी विधान सभा चुनाव में सपा और प्रसपा के गठजोड़ के बावजूद भी टिकट नहीं मिला, तो नाराज होकर उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। शाक्य इटावा सदर सीट से टिकट चाह रहे थे। हालांकि भाजपा ने भी उन्हें टिकट नहीं दिया था। लेकिन उप चुनाव में उन्हें मैदान में उतारकर, अखिलेश और डिंपल के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।

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