Maharashtra Assembly Election: उरण विधानसभा क्षेत्र में एक त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति है। एक तरफ सत्तारूढ़ भाजपा है, और दूसरी ओर भारतीय शेतकरी कामगार पक्ष (शेकाप) और महाविकास अघाड़ी (एमवीए) ने अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। 2019 के चुनाव में भी ऐसा ही संघर्ष देखा गया था, जब महेश बालदी ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी।
उरण कस्बे में दिलचस्प राजनीतिक समीकरण बनता नजर आ रहा है।
अब 2024 के इस चुनाव में बालदी भाजपा के नेतृत्व वाले महायुती गठबंधन के साथ हैं, जबकि शेकाप ने अपने नेता और नवी मुंबई के पूर्व उप महापौर प्रीतम म्हात्रे को उम्मीदवारी दी है। शेतकरी कामगार पक्ष का उरण में एक मजबूत जनाधार है और म्हात्रे को पूरा विश्वास है कि वे 'जायंट किलर' के रूप में उभर सकते हैं।
प्रीतम म्हात्रे ने कहा कि "एक विधायक के रूप में, मेरा उद्देश्य उरण के गांवों का भी विकास करना है। उरण के लोगों को आस्था के साथ साथ बुनियादी नागरिक सुविधाएं प्रदान करना मेरी प्राथमिकता है। इसलिए मेरा नारा है कि मन में राम, बाहर काम। यहां का जवाहर लाल नेहरू पोर्ट हो या नवीमुंबई इंटरनेशन एयरपोर्ट, मेरी कोशिश होगी कि यहां स्थानीय लोगों और भूमिपुत्रों को ही रोजगार में प्राथमिकता मिले ताकि वे भी वॉक टू वर्क वाली यूरोपियन सभ्यता की तर्ज पर अपने ऑफिस तक पैदल ही पहुंच सकें। बेरोजगारी एक प्रमुख चिंता है, और नवी मुंबई एयरपोर्ट में भूमिपुत्रों के लिए रोजगार के अवसर लाना मेरा मुख्य लक्ष्य होगा।"
म्हात्रे ने कहा, "उरण के युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना बहुत महत्वपूर्ण है और इसके लिए मेरा मानना है कि पढ़ेंगे तो बढ़ेंगे। हमारी पार्टी का उरण में मजबूत आधार है और मुझे इस बार जीत का पूरा भरोसा है।"
प्रीतम म्हात्रे ने अपने प्रतिद्वंदी भाजपा के बालदी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना के मनोहर भोईर पर निशाना साधते हुए कहा कि वे वोट पाने के लिए गंदी राजनीति करते हैं। म्हात्रे ने कहा कि "बालदी और भोईर एक-दूसरे पर ही हमला कर रहे हैं, लेकिन उरण के वास्तविक मुद्दों की परवाह नहीं कर रहे। हम अनेक हैं तो सेफ हैं। मैं उरण के प्रमुख मुद्दों को समझता हूं और मुझे लगता है कि लोग मेरे साथ खड़े होंगे।" ऐसे में उरण की जनता 23 नवंबर को ये साफ कर देंगी कि वे किसे अपना नेता चुनकर इलाके का विकास करने की जिम्मेदारी सौंपते हैं।
