Telangana Loksabha Election 2024 : लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के रण के बाद अब बाररी चौथे चरण की है। चौथे चरण में 13 मई को 96 संसदीय सीटों पर मतदान होगा। इसी दिन तेलंगाना में भी वोट डाले जाएंगे। इस लोकसभा चुनाव में दक्षिण की बात करें तो तेलंगाना का चुनाव सबसे रोचक नजर आ रहा है। बीजेपी ने तेलंगाना में जिस तरह से माइक्रो मैनेजमेंट किया है, उसकी के चलते मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक में तेलंगाना चुनाव की चर्चा भरपूर हो रही है। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों की रैली और रोड शो से जनाधार जुटा रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश इकाई बूथ स्तर पर संपर्क से समर्थन अभियान चला रही है।
तेलंगाना में लोकसभा की 17 सीटें
तेलंगाना में कुल 17 लोकसभा सीटें हैं जिनमें से अभी 4 भाजपा के पास हैं। वर्तमान में बीजेपी के पास आदिलाबाद, निजामाबाद, करीमनगर और सिकंदराबाद लोकसभा सीटें हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तेलंगाना के महबूबनगर में दोपहर 3.15 और शाम 5.30 बजे हैदराबाद में जनसभा करेंगे। चुनाव अभियान की पूरी कमान प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर ने संभाल रखी है। चंद्रशेखर वहीं हैं, जिनके संगठन महामंत्री रहते हुए भाजपा ने कुछ महीने पहले हुए राजस्थान विधानसभा चुनाव में जीत का परचम लहराया। तेलंगाना में राजस्थान से पहुंचे प्रवासी कार्यकर्ताओं को संयोजक बनाकर हर लोकसभा सीट पर चुनाव प्रबंधन के लिए लगाया गया है। प्रवासी संयोजक चुनाव प्रचार से लेकर चुनाव प्रबंधन तक में भूमिका निभा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी तेलंगाना में समर्थन जुटाने पहुंचे। 17 सीटों वाले इस राज्य पर भाजपा का विशेष फोकस है और उसकी अपनी वजह हैं। यहां पिछले 4 चुनावों में लगातार बीजेपी का वोट प्रतिशत बढ़ना इस फोकस की एक अहम वजह है।
इस माइक्रौमैनेजमेंट से हो रहा काम
बीजेपी संगठन ने जनवरी में तेलंगाना में महामंत्री संगठन की जिम्मेदारी सौंपकर राजस्थान से चंद्रशेखर को भेजा था। वह हर लोकसभा सीट का दौरा कर वहां की चुनाव संचालन समिति की बैठक कर चुके हैं और लोकसभा प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित कर चुके हैं। उन्होंने राजय में मोर्चे और प्रकोष्ठों की बैठक कर सक्रिय करने का काम किया है। उन्होंने लक्ष्य अंत्योदय-प्रण अंत्योदय के अभियान को दिशा देते हुए झुग्गी -झोपड़ी सम्पर्क अभियान की प्रदेश टोली को सक्रिय किया है। भाजपा प्रदेश संगठन ने शोषितों, वंचितों, गरीब, मजदूर, कामगार, दैनिक वेतन भोगियों, घरों में काम करने वाली महिलाओं, रिक्शा चालकों, फल विक्रेताओं तक संपर्क किया है।
हैदराबाद बनी राष्ट्रीय स्तर की सीट
यहां की हैदराबाद सीट पर भाजपा ने असदुद्दीन ओवैसी के सामने माधवी लता को प्रत्याशी बनाकर इसे राष्ट्रीय स्तर की सीट बना दिया है। आम तौर पर हैदराबाद की सीट पर असदुद्दीन ओवैसी की जीत निश्चित मान ली जाती थी, लेकिन इस बार मामला कांटे का नजर आ रहा है। माधवी लता ने पिछले चार दशकों में पहली बार हैदराबाद लोकसभा सीट पर AIMIM के सामने एक चुनौती पेश की है। 1984 से इस सीट पर ओवैसी परिवार का कब्जा है। 6 बार सीट से असदुद्दीन ओवैसी के पिता सांसद चुने गए और उसके बाद 2004 से खुद असदुद्दीन ओवैसी यहां से सांसद चुने गए। भाजपा ने इस सीट पर पूरी ताकत झोंक दी है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शाम 5.30 बजे हैदराबाद में जनसभा करेंगे। प्रधानमंत्री की रैली के बाद इस सीट पर समीकरण और स्पष्ट हो जाएंगे। इससे पहले पीएम ने तेलंगाना के करीमनगर में जनसभा को संबोधित किया था।
तेलंगाना में कैसे रहे हैं नतीजे
साल 2019 के लोकसभा चुनाव में 17 सीटों में से 9 सीटें बीआरएस, 4 सीटें बीजेपी को, कांग्रेस को 3 सीट जबकि AIMIM को एक सीट मिली थी। वहीं, 2014 के चुनाव में 11 सीट बीआरएस को, जबकि कांग्रेस को 2 सीट, टीडीपी को 1 सीट, बीजेपी को 1 सीट, YSRCP और अन्य को एक एक सीट मिली थी। 2014 में एक सीट हासिल करने वाली बीजेपी को 2019 में 4 सीटें मिली थीं, जबकि वोट प्रतिशत भी 2014 के मुकाबले 2019 में लगभग दोगुना हुआ था। 2014 के लोकसभा चुनाव में तेलंगाना में भाजपा को एक सीट मिली थी और कुल 10.5 प्रतिशत वोट मिले थे। जबकि 2019 में तेलंगाना में बीजेपी को 19.7 प्रतिशत वोट मिले और सीटों की संख्या बढ़कर 4 हो गई।
