Wanted Criminals in India-Nepal: लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भारत-नेपाल ने अपराधियों पर लगाम कसने के लिए अहम फैसला लिया है। यूपी के बहराइच स्थित भारत-नेपाल की रूपईडीहा सीमा पर दोनों देशों के अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय समन्वय बैठक में नशीले पदार्थों और शस्त्र तस्करी रोकने के मुद्दे पर बड़ा फैसला लिया गया है। दोनों देशों ने अपने यहां के वांछित अपराधियों की सूची का आदान-प्रदान करने का फैसला लिया है। यह बैठक सोमवार को आयोजित की गई, जिसमें मौजूद रहे देवीपाटन मंडल के पुलिस उप महानिरीक्षक अमरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस दौरान ऐसे स्थानों को मुख्य रूप से चिह्नित करने पर विचार हुआ जहां नेपाल की तरफ से बैरियर लगाकर नियमित जांच की जाएगी।
भारत-नेपाल के बीच अहम सहमति
नशीले पदार्थों और शस्त्र तस्करी रोकने पर गहन मंथन
इसके अलावा, बैठक में शराब, नशीले पदार्थों और शस्त्र तस्करी रोकने के सभी संभव प्रयास करने पर गहन मंथन किया गया। साथ ही दोनों देशों के वांछित अपराधियों की सूची का आदान-प्रदान करने का फैसला लिया गया। बहराइच की जिला निर्वाचन अधिकारी/ जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार मतदान से पूर्व 48 घंटे तक दो देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा सील की जाएगी। बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि सीमा सील होने और खुलने की तारीख और समय का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए जिससे आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
विशेष चौकसी बरतने पर सहमति
उन्होंने बताया कि दोनों देशों के अधिकारी इस बात पर सहमत हो गए कि भारत-नेपाल की खुली सीमा वन क्षेत्र से आच्छादित होने के कारण संवेदनशील है और निकासी रास्तों पर दोनों ओर विशेष चौकसी रखने की जरूरत है। पुलिस अधीक्षक वृन्दा शुक्ला ने बताया कि चिह्नित स्थानों पर सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी और बिना पहचान पत्र भारतीय सीमा में प्रवेश वर्जित किया गया है। बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में राजस्व, वन, पुलिस, एसएसबी की संयुक्त टीम गठित कर नियमित गश्त करने, चुनाव के समय शराबबंदी लागू करने के लिए सख्ती बरतने का सुझाव दिया गया।
नेपाली अधिकारियों ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया
स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शान्तिपूर्ण ढंग से चुनाव सम्पन्न कराने के लिए भारत द्वारा नेपाली समकक्ष अधिकारियों से पहले की तरह सहयोग की अपेक्षा पर नेपाली अधिकारियों ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। चुनावी गहमागहमी में नेपाल के पीर रतन नाथ मंदिर से देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर) आने वाली ऐतिहासिक अमृतकलश यात्रा को लेकर खास सावधानी बरतने पर बैठक में विचार हुआ। बैठक में भारतीय क्षेत्र से प्रशासनिक, पुलिस, सशस्त्र सीमा बल, केंद्रीय व स्थानीय खुफिया एजेंसियों, वन विभाग के प्रदेश, मंडल और जनपद स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों, श्रावस्ती, बलरामपुर, लखीमपुर, पीलीभीत और बहराइच और नेपाली जनपद डांग, बांके, बर्दिया, कंचनपुर, कैलाली और अन्य स्थानों से विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने व्यक्तिगत या ऑनलाइन माध्यम से हिस्सा लिया।
570 किलोमीटर सीमा नेपाल से सटी
उत्तर प्रदेश के सात जिलों पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज की करीब 570 किलोमीटर सीमा नेपाल से सटी है। खुली सीमा के अनेक रास्ते जंगल से होकर भारत से नेपाल को जोड़ते हैं। बहराइच जिले की नेपाल से सटी बहराइच (सुरक्षित) सीट और लखीमपुर में चौथे चरण 13 मई को चुनाव होना है। श्रावस्ती, बलरामपुर, महराजगंज और सिद्धार्थनगर जिलों के सीमावर्ती इलाकों वाली श्रावस्ती, संत कबीर नगर और बस्ती लोकसभा सीट पर छठे चरण यानी 25 मई को चुनाव होगा। नेपाल सीमावर्ती पीलीभीत सीट पर प्रथम चरण 19 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। (भाषा इनपुट)
