बिहार में चौतरफा मुश्किलों में घिरी कांग्रेस, एक के बाद एक नेता छोड़ रहे पार्टी, पप्पू ने भी फंसाया पेच

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Apr 1, 2024, 11:38 AM IST

कांग्रेस बिहार में चौतरफा मुश्किलों में घिर गई है, पार्टी से नेता अपना नाता तोड़ रहे हैं। सवाल है कि कैसे वह मजबूत एनडीए को चुनौती दे पाएगी।

Bihar Congress: लोकसभा चुनाव 2024 के लिए मतदान होने में थोड़ा ही वक्त रह गया है लेकिन कांग्रेस की मुसीबतें खत्म होती नहीं दिख रही है। कई राज्यों में उसके नेताओं का पार्टी छोड़ने का सिलसिला जारी है। बिहार में भी कुछ ऐसा है सूरतेहाल है। पहले तो लालू प्रसाद यादव की आरजेडी के साथ लंबे दौर के बाद समझौता हो सका। उसके बाद नेताओं के पार्टी छोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया। सीटों को लेकर भी कांग्रेस को समझौता करना पड़ा और पूर्णिया सीट पर भारी विवाद पैदा हो गया जिस पर पप्पू यादव अपना दावा ठोक रहे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि कांग्रेस बिहार में चौतरफा मुश्किलों में घिर गई है, तो कैसे मजबूत एनडीए को चुनौती दे पाएगी।

Congress in Bihar

मुश्किलों में घिरी कांग्रेस

असित नाथ तिवारी ने पार्टी छोड़ी

लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद बिहार कांग्रेस को लगातार झटके लग रहे हैं। रविवार को पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा ने पार्टी छोडी, तो सोमवार को पार्टी के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने पार्टी से त्यागपत्र दे दिया। तिवारी ने प्रदेश अध्यक्ष को लिखे एक पत्र में कहा है कि वे सिर्फ पार्टी के प्रवक्ता पद से नहीं, बल्कि पार्टी क़ी प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे रहे हैँ। उन्होंने कहा क़ि उनका इस्तीफा व्यक्तिगत कारणों से है। पार्टी के किसी नेता या कार्यकर्ता से उनको कोई शिकायत नहीं है।

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