Karnataka Election Result 2023 (कर्नाटक विधानसभा चुनाव नतीजे 2023) Date and Time: कर्नाटक में विधानसभा की 224 सीटों के लिए 13 मई यानी बुधवार को मतदान हुआ। चुनाव आयोग के मुताबिक इस चुनाव में 73 प्रतिशत के करीब मतदान दर्ज हुआ। करीब एक महीने तक धुआंधार चुनाव प्रचार हुआ। चुनाव में भाजपा (BJP), कांग्रेस (Congress)और जेडी-एस (JD-S) ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। प्रचार के दौरान सभी दलों ने अपनी जीत के बड़े-बड़े दावे किए। मतदान समाप्त होने के बाद आए एग्जिट पोल्स में ज्यादातर में त्रिशंकु विधानसभा (Hung Assembly) होने का अनुमान जताया गया। इनमें से ज्यादातर एग्जिट पोल (Exit Poll) में कांग्रेस (Congress) को जीत दर्ज करने वाली सबसे बड़ी पार्टी के रूप में बताया गया। एक-दो एग्जिट पोल ने अनुमान जताया कि भाजपा (BJP) सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर सकती है। फिलहाल ये अनुमान हैं। चुनाव के असली नतीजे 13 मई को आएंगे। इन नतीजों से साफ हो पाएगा कि इस बार कर्नाटक का ताज किसके सिर सजेगा।
सबसे पहले बैलेट पेपर से होगी वोटों की गिनती
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग (Election Commission) वोटों की गिनती (Counting of votes) सुबह आठ बजे शुरू कर देगा। सबसे पहले बैलेट पेपर (Ballet Paper )के वोट गिने जाएंगे। इसके बाद ईवीएम (EVM) से वोटों की गिनती होगी। वोटों की गिनती शुरू होते ही 224 सीटों के रुझान आने लगेंगे। धीरे-धीरे ये रुझान नतीजों में तब्दील होंगे। चुनाव नतीजों का पल-पल का अपडेट टाइम्स नाउ नवभारत की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। यहां कर्नाटक के हर सीट की प्रामाणिक जानकारी मिलेगी।
BJP, कांग्रेस और जेडी-एस के दिग्गज चेहरे
कर्नाटक चुनाव में इस बार दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस (Congress) और जेडी-एस (JD-S) के कई नामी-गिरामी चेहरे इस बार चुनाव मैदान में हैं। भाजपा से सीएम बासवराज बोम्मई, येदियुरप्पा के बेटे बीवाई विजयेंद्र, कांग्रेस से सिद्दारमैया, डीके शिवकुमार, जेडी-एस से एचडी कुमारस्वामी ऐसे चेहरे हैं जिनके चुनाव नतीजों के बारे में जानने की उत्सुकता बनी रहेगी। इनके अलावा भी इन दलों में ऐसे कई हाई-प्रोफाइल नेता हैं जिनके चुनाव नतीजों के बारे में हर कोई जानना चाहेगा।
Key Candidates in Karnataka Election 2023
| सीट | उम्मीदवार |
| शिग्गांव | बासवराज बोम्मई (BJP) |
| शिकारीपुरा | बीवाई विजयेंद्र(BJP) |
| चिकमंगलूर | सीटी रवि (BJP) |
| वरुणा | सिद्दारमैया (Congress) |
| कनकपुरा | डीके शिवकुमार (Congress) |
| हुबली–धारवाड़ सेंट्रल | जगदीश शेट्टार (Congress) |
| चित्तपुर | प्रियांक खड़गे (Congress) |
| चन्नापट्टन | एचडी कुमारस्वामी (JD-S) |
| अथणी | लक्ष्मण सावदी (Congress) |
| सिरसी | विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी (BJP) |
हाई-प्रोफाइल सीटें-Key and High Profile seats in Karnataka Assembly Election 2023
शिग्गांव (Shiggaon)
कर्नाटक की सबसे हाई प्रोफाइल सीट शिग्गांव है। इस सीट से मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई चुनाव मैदान में हैं। इस सीट पर उनका मुकाबला कांग्रेस के यासिर अहमद खान पठान और जेडीएस के शशिधर चन्नबसप्पा यलीगर से है। शिग्गांव विघानसभा निर्वाचन क्षेत्र से बोम्मई लगातार तीन बार से जीतते आ रहे हैं। यहां पिछले 14 विधानसभा चुनावों में जेडीएस मात्र एक बार ही जीत पाई है, दो बार निर्दलीय उम्मीदवार जीतने में सफल रहे हैं। इस सीट पर कांग्रेस भी मजबूत रही है। कांग्रेस आठ बार इस सीट को जीत चुकी है।वरुणा (Varuna)
वरुणा सीट भी हाई-प्रोफाइल सीटों में शुमार है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिगग्ज नेता सिद्धारमैया इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। सिद्धारमैया के खिलाफ भाजपा ने कर्नाटक सरकार के मंत्री वी. सोमन्ना को प्रत्याशी बनाया है। जबकि जेडीएस से डॉ. भारती शंकर उम्मीदवार हैं। 2008 में परिसीमन के बाद यह सीट अस्तित्व में आई। 2008 और 2013 में यहां से कांग्रेस के सिद्धारमैया जीते। 2018 में सिद्धारमैया के बेटे यतीन्द्र एस ने इस सीट पर कांग्रेस का परचम लहराया।
शिकारीपुरा (Shikaripura)
इस सीट से भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बेटे बीवाई विजयेंद्र उम्मीदवार हैं। शिकारीपुरा सीट येदियुरप्पा की परंपरागत सीट रही है। वह इस सीट पर लगातार जीतते रहे हैं। इस बार उनके चुनाव नहीं लड़ने पर भाजपा ने उनके बेटे को टिकट दिया है। इस सीट पर विजयेंद्र का मुकाबला कांग्रेस के जीबी मलातेश से है। इस सीट पर 1983 से ही येदियुरप्पा का एक तरह से कब्जा रहा है। तीस साल में उन्हें सिर्फ एक बार 1999 में हार का सामना करना पड़ा था।
चित्तपुर (Chittapur)
इस सीट पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे चुनाव लड़ रहे हैं। प्रियांक के खिलाफ बीजेपी ने मणिकांता राठौड़ को मैदान में उतारा है। 2018 में इस सीट से प्रियांक जीत हासिल की थी। 2008 के विधानसभा चुनाव में प्रियांक के पिता मल्लिकार्जुन यहां से विधायक बने थे। हालांकि, 2009 में लोकसभा सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने यह सीट छोड़ दी। इसके बाद हुए उप चुनाव में प्रियांक को भाजपा के वाल्मिकी नायक ने हरा दिया था।
कनकपुरा (Kanakpura)
कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार कनकपुरा विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। शिवकुमार के खिलाफ भाजपा ने राजस्व मंत्री आर अशोक को मैदान में उतारा है। जबकि जेडीएस ने बी नागराजू को टिकट दिया है। इस सीट पर शिवकुमार का दबदबा रहा है। वह कनकपुरा सीट 2008, 2013 और 2018 के विधानसभा चुनाव में जीत चुके हैं। भाजपा को अभी तक इस सीट पर जीत नसीब नहीं हुई है। इस बार आर अशोक उन्हें कितनी बड़ी चुनौती दे पाते हैं यह देखने वाली बात होगी।
चन्नापट्टन (Channapatna)
इस सीट से जेडीएस प्रमुख एचडी कुमारस्वामी मैदान में हैं। चन्नापटन जेडी-एस का गढ़ है। कुमारस्वामी के खिलाफ भाजपा ने सीपी योगेश्वर और कांग्रेस ने गंगाधर एस. को मैदान में उतारा है। 2018 में भी कुमारस्वामी यहां से जीते थे। उन्होंने भाजपा के सीपी योगेश्वर को 21 हजार से ज्यादा वोट से हराया था। चन्नापट्टन सीट पर अब तक दो बार उपचुनाव हुए हैं। इस सीट पर छह बार कांग्रेस को जीत मिली है। वहीं, दो-दो बार जनता पार्टी, निर्दलीय और जेडीएस उम्मीदवार जीतने में सफल रहे।
अथणी (Athani)
अथणी सीट पर कर्नाटक के पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने कांग्रेस का दामना थामा। इस सीट पर लक्ष्मण सावदी का मुकाबला भाजपा ने महेश कुमाथल्ली ओर जेडीएस के शशिकांत पदसालगी से है। सावदी इस सीट पर 2004, 2008 और 2013 में भाजपा के टिकट पर विजयी हुए हैं।
हुबली–धारवाड़ सेंट्रल (Hubli Dharwad Central)
हुबली–धारवाड़ सेंट्रल काफी हाई प्रोफाइल सीट है। इस सीट पर दिग्गज लिंगायत नेता जगदीश शेट्टार चुनाव मैदान में हैं। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर वह कांग्रेस में शामिल हो गए। फिर कांग्रेस ने उन्हें इस सीट पर अपना उम्मीदवार बनाया। जगदीश शेट्टार हुबली-धारवाड़ सेंट्रल से छह बार विधायक रह चुके हैं। वह इस बार भी भाजपा से अपने लिए टिकट मांग रहे थे लेकिन भगवा पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। भाजपा ने इस सीट पर महेश तेंगिनाकाई को अपना उम्मीदवार बनाया है।
सिरसी (Sirsi)
इस सीट से कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी चुनाव मैदान में हैं। वह भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर उनका मुकाबला कांग्रेस के भीमन्ना नाईक से है। इस सीट पर कागेरी तीन बार विजयी हो चुके हैं। यह सीट भाजपा का गढ़ है। पिछले पांच चुनाव से भाजपा इस सीट को जीतती आ रही है। कांग्रेस को यहां 1989 में आखिरी बार जीत मिली थी।
होलेनरसीपुर (Holenarsipur)
यहां से जेडीएस ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के बड़े बेटे एचडी रवन्ना को मैदान में उतारा है। 2018 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से रवन्ना विजयी हुए थे। इस सीट पर रवन्ना का मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के देवराजे गौड़ा और कांग्रेस के श्रेयस एम. पटेल से है।
