Karnataka Election 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 10 मई को मतदान होना है। 13 मई को नतीजे जारी होंगे, इसके बाद तय हो जाएगा कि भाजपा कर्नाटक की सत्ता में वापसी करती है या फिर कांग्रेस बाजी मारती है। दोनों पार्टियों की ओर से चुनाव की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। भाजपा ने जहां सोमवार को अपना घोषणा पत्र जारी किया तो कांग्रेस ने भी मंगलवार को अपने मेनिफेस्टो में वादों की झड़ी लगा दी।
कर्नाटक में भाजपा और कांग्रेस के पांच बड़े वादे
भाजपा और कांग्रेस की ओर से जारी किए गए घोषणापत्र में जनता को लुभाने की पूरी कोशिश की गई है। इस बार सियासत का केंद्र रहा नंदिनी दूध भी दोनों के मेनिफेस्टो का हिस्सा है। हालांकि, घोषणापत्र में कई ऐसे वादे भी हुए हैं तो चुनाव में जीत-हार तय कर सकते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं भाजपा और कांग्रेस के किए गए पांच-पांच बड़े वादे और किसका घोषणा पत्र पड़ेगा भारी...
पहले भाजपा की बात
भारतीय जनता पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में हर राज्य की तरह समान नागरिक संहिता को केंद्र में रखा है। पार्टी ने वादा किया है कि सरकार में लौटने के बाद वह राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करेगी। इसके अलावा नंदिनी दूध को भी केंद्र में रखा गया है। भाजपा ने बीपीएल परिवारों के लिए हर दिन आधा लीटर नंदिनी दूध देने का वादा किया है।अब भाजपा के पांच बड़े वादे
- बीपीएल परिवारों को साल में तीन घरेलू सिलेंडर फ्री।
- नगर परिषद के प्रत्येक वार्ड में 'अटल आहार योजना' की शुरुआत।
- एससी-एसटी महिलाओं को पांच साल के लिए 10 हजार की एफडी।
- गरीबों के लिए 10 लाख आवास
- कल्याण सर्किट, बनवासी सर्किट, परशुराम सर्किट एवं गनगपुरा कॉरीडोर के लिए 1,500 करोड़ रुपए का आवंटन।
अब कांग्रेस का घोषणा पत्र
कांग्रेस पार्टी की ओर से भी मंगलवार को घोषणा पत्र जारी किया गया है। इसमें अलग-अलग समुदायों को साधने के लिए पार्टी ने आरक्षण दांव खेला है तो यूथ वोटर्स का भी खास ध्यान रखा गया है। पार्टी ने डेयरी प्रोडक्ट को भी घोषणा पत्र के केंद्र में रखा है, इसके अलावा महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा की है।अब कांग्रेस के पांच बड़े वादे
- डेयरी किसानों को 50,000 का कृषि क्रांति क्रेडिट कार्ड।
- SC का रिजर्वेशन 15% से 17% और ST आरक्षण 3% से 7% किया जाएगा।
- 200 यूनिट मुफ्त बिजली।
- महिला मुखिया को 2000 हजार रुपये प्रति माह।
- बेरोजगार ग्रेजुएट युवाओं को दो साल तक 3000 रुपये प्रति माह।
